रांची: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के विस्तार से प्रभावित आदिवासी-मूलवासी परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को नामकुम अंचल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। एयरपोर्ट विस्थापित मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुनर्वास, मुआवजा, क्षतिपूर्ति और जमीन से संबंधित रिकॉर्ड दुरुस्त करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे आंदोलन को और व्यापक करेंगे। मोर्चा की ओर से एयरपोर्ट को जाम करने की चेतावनी भी दी गई है।
वर्षों से पुनर्वास का इंतजार
मोर्चा की पूर्व पार्षद पुष्पा तिर्की ने कहा कि एयरपोर्ट निर्माण और विस्तार के लिए क्षेत्र के आदिवासियों ने वर्षों पहले अपनी जमीन दी थी। उनका आरोप है कि जमीन जाने के बावजूद प्रभावित परिवारों को अपेक्षित पुनर्वास और अन्य सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।
मोर्चा के महासचिव सुरेश गोप ने हेथू मौजा में जमीन से जुड़े मामले को उठाते हुए कहा कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उन्होंने हेथू मौजा की करीब 150 एकड़ जमीन का भी उल्लेख किया, जिसका इस्तेमाल ब्रिटिश शासन के दौरान द्वितीय विश्वयुद्ध के समय सैन्य गतिविधियों के लिए किए जाने का दावा किया गया।
373 एकड़ जमीन अधिग्रहण का मुद्दा
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के लिए लगभग 373 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। इससे गढ़ा टोली के करीब 250 परिवारों के प्रभावित होने की बात कही गई है।
मोर्चा ने यह भी कहा कि वर्ष 1962-63 में एयरपोर्ट निर्माण के दौरान भी कई परिवारों को उनकी जमीन से हटाया गया था, लेकिन उचित पुनर्वास नहीं हो सका। बाद में कुछ परिवार हेथू और गढ़ा टोली क्षेत्र में बस गए। इसके बाद 2007-08 में दोबारा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई, जिससे करीब 1000 आदिवासी-मूलवासी लोगों के प्रभावित होने का दावा किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कई प्रभावित परिवारों को अब तक मकान की क्षतिपूर्ति और जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिल पाया है।
जाति प्रमाण-पत्र की समस्या दूर करने का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान नामकुम अंचलाधिकारी कमल किशोर सिंह ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों के जाति प्रमाण-पत्र बनवाने में पार्षद की अनुशंसा को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
अंचलाधिकारी ने यह भी बताया कि एयरपोर्ट से संबंधित आगामी बैठक में ग्रामीणों की समस्याओं को रखा जाएगा और उनके समाधान को लेकर संबंधित स्तर पर चर्चा की जाएगी।
