Saturday, May 16, 2026

बाबूलाल मरांडी ने ट्रेजरी घोटाले की सीबीआई जांच की मांग सीएम से की है.

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रांची: बाबूलाल मरांडी ने राज्य में ट्रेजरी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. हालांकि इस मामले की जांच ईसीआईआर (इंफार्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट) के तहत ईडी जांच करेगी.

बाबूलाल मरांडी ने पत्र में लिखा है कि अभी तक इस घोटाले की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच के लिए ठोस पहल नहीं की गई है. उन्होंने आगे लिखा है कि समय रहते मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले समय में बिहार में हुए चारा घोटाले जैसी परिस्थिति होगी. जिसकी जद में पदाधिकारियों के साथ सरकार में बैठे जिम्मेवार नेता भी गिरफ्त में आ जाएंगे.

उन्होंने आगे लिखा है कि अब तक 14 जिलों में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले पुष्टि हो चुकी है और लगभग 130 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की बात सामने आ रही है. बाबूलाल मरांडी ने एक महीने पहले भी सीबीआई जांच को लेकर सीएम को लिखे पत्र का जिक्र किया है.

पत्र में पूर्व डीजीपी का भी जिक्र

मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने बोकारो में गिरफ्तार लेखापाल कौशल पांडे को पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता, बोकारो के पूर्व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी, पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक पटेल मयूर कनैयालाल और पूर्व डीआईजी (बजट) नौशाद आलम जैसे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाने की चर्चा की. उन्होंने कहा कि यह तथ्य इस ओर संकेत करता है कि आरोपी को न केवल संरक्षण प्राप्त था, बल्कि उसे संस्थागत स्तर पर प्रोत्साहन भी मिला हुआ था. उन्होंने इस घोटाले में निचले से ऊपर के अधिकारी तक के संलिप्त होने की बात कही है.

कोतवाली और सीआईडी में दर्ज मामलों की जांच

रांची के कोतवाली थाने में सीआईडी द्वारा दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर ईडी से फर्जी निकासी से जुड़े केस में मनी लाउंड्रिंग के पहलुओं पर जांच करेगी. वर्तमान में रांची, हजारीबाग और चाईबासा जिले में वेतन समेत अन्य मदों से फर्जी निकासी के मामले में एफआईआर दर्ज है. एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद ईडी अब पूरे मनी ट्रेल की जांच करेगी. साथ ही अगर इन पैसों का चल या अचल संपत्ति में निवेश किया गया है तो इसे भी पीएमएलए के दायरे में लाकर जब्त किया जाएगा.

मामले में अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई

  • 3.15 करोड़ रुपए की ट्रेजरी घोटाले का मामला बोकारो पुलिस विभाग से आया था.
  • मामले में जांच के बाद अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडेय को 7 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया.
  • गहराई से जांच के बाद बोकारो एसपी ने घोटाले की रकम 4.29 करोड़ रुपए बताए.
  • 8 अप्रैल को ही हजारीबाग में भी ट्रेजरी घोटाले का मामला सामने आया.
  • 9 अप्रैल को हजारीबाग एसपी ने ट्रेजरी से 15.41 करोड़ रुपए घोटाले की बात कही.
  • घोटाले के आरोप में तत्काल हजारीबाग में तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हुई.
  • 9 अप्रैल को ही बोकारो में बीजेपी ने AG की रिपोर्ट के हवाले से 11 हजार करोड़ घोटाले की आशंका जताई.
  • 10 अप्रैल को बोकारो डीसी ने ट्रेजरी घोटाले में 6 करोड़ पार होने की बात कही.
  • 10 अप्रैल को ही पुलिस विभाग ने आरोपियों के खातों को फ्रीज करने की बात कही.
  • 11 अप्रैल को बाबूलाल मरांडी ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही.
  • 13 अप्रैल को वित्त मंत्री ने हर जिले के कोषागर की जांच करने की बात कही.
  • 14 अप्रैल को रांची में पशुपालन विभाग में 3.40 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का मामला सामने आया.
  • 16 अप्रैल को सरकार ने सभी 33 कोषागरों की जांच कराने की बात कही.
  • 24 अप्रैल को ट्रेजरी घोटाले की जांच में CID की एंट्री हुई.
  • 25 अप्रैल को CID टीम जांच के लिए बोकारो एसपी दफ्तर पहुंची
  • 27 अप्रैल को सीआईडी ने एसपी दफ्तर के अकाउंट सेक्शन में तैनात सतीश कुमार को गिरफ्तार किया.
  • 30 अप्रैल को सीआईडी ने ट्रेजरी घोटाला मामले में दूसरे आरोपी को गिफ्तार किया.
  • 1 मई को बोकारो एसपी कार्यालय में तैनात आरक्षी काजल मंडल को सीआईडी ने गिरफ्तार किया.
  • 4 मई को सीआई़डी ने हजारीबाग से छठा आरोपी को गिरफ्तार किया.
  • 8 मई को घोटाले की जांच को लेकर प्रधान सचिव डॉ अमिताभ कौशल बोकारो पहुंचे.

सबसे पहले बोकारो में सामने आया था मामला

बता दें की झारखंड में ट्रेजरी से फर्जी तरीके से वेतन निकासी का पहला मामला borkaro जिला में सामने आया था. जहां एक सब इंस्पेक्टर के वेतन मद से फर्जी तरीके से 3.45 करोड़ की निकासी की गई थी. इस मामले के समाने आने के बाद ऐसा ही मामला हजारीबाग औरchaibasa में भी पुलिस विभाग के खातों से फर्जी निकासी का मामला आया, जिसके बाद बोकारो के बोकारो स्टील सिटी और हजारीबाग के लोहसिंघना थाने में एफआईआर दर्ज की गई.

इसी तरह चाईबासा में भी जांच के क्रम में फर्जी निकासी का मामला सामने आया, जिसे लेकर मुफ्फसील थाना में एफआईआर दर्ज की गई. वहीं रांची में कृषि विभाग में फर्जी निकासी का मामला समाने आया था. जिसे लेकर कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी. वहीं दूसरी तरफ झारखंड सीआईडी ने बोकारो, hazaribagh और चाईबासा में फर्जी निकासी से जुड़े केस में एसआईटी बनाकर जांच शुरू की है. आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में अलग से टीम पूरे घोटाले की  कर रही है.

10 करोड़ का मनी ट्रेल मामला अबतक आया है सामने

सीआईडी के अधीन गठित एसआईटी ने अबतक की जांच में 10 करोड़ के मनी ट्रेल का खुलासा किया है. केस में आरोपी पुलिसकर्मियों के चल और अचल संपत्ति में निवेश का खुलासा भी एसआईटी की जांच में हुआ है. पुलिस के खातों से फर्जी निकासी के मामले में अबतक कुल 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

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