Sunday, August 23, 2026

बनालात में पारंपरिक ग्रामसभा की बैठक, पेसा अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा.

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गुमला/बिशुनपुर: बिशुनपुर प्रखंड के बनालात गांव में पारंपरिक ग्रामसभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेसा कानून और झारखंड पेसा नियमावली 2025 के तहत ग्रामसभा को मिले अधिकारों, स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन और उनसे होने वाली आय के इस्तेमाल पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में ग्रामीण स्तर पर ग्रामसभा की भूमिका को मजबूत करने और नियमावली में दिए गए प्रावधानों को व्यवहार में लागू करने पर जोर दिया गया।

ग्रामसभा कोष में जमा होगी विभिन्न स्रोतों से आय

बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि राजस्व अधिकारों से मिलने वाली राशि, प्रोत्साहन व दंड राशि, विभिन्न शुल्क, लघु खनिज और वन उपज से प्राप्त रॉयल्टी, तालाब लीज की आय, बाजार प्रबंधन शुल्क तथा बालू घाट से मिलने वाले शुल्क समेत अन्य स्थानीय आय को ग्रामसभा कोष में जमा किया जाए।

ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय संसाधनों से होने वाली आय के इस्तेमाल में ग्रामसभा की भागीदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पारंपरिक ग्रामसभा को मजबूत करने की पहल

बैठक में पेसा राज्य स्तरीय प्रशिक्षक संतोष कुमार महतो सहित विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दक्षिणी छोटानागपुर क्षेत्र के प्रतिनिधियों के अलावा जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

वक्ताओं ने कहा कि पेसा के तहत ग्रामसभा को दिए गए अधिकार सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। गांवों में पारंपरिक ग्रामसभा को सक्रिय बनाकर इन अधिकारों का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने की जरूरत है।

बैठक में पारंपरिक ग्रामसभा के अध्यक्ष बैग रामवृक्ष खेरवार, ग्राम प्रधान भिखाराम उरांव समेत कई ग्रामीण शामिल हुए। बाजार प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया।

खनिज संसाधनों पर स्थानीय अधिकार की मांग

बैठक के दौरान क्षेत्र के खनिज संसाधनों को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने स्थानीय समुदाय के हितों और संसाधनों पर ग्रामसभा की भूमिका को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।

प्रतिभागियों ने कहा कि क्षेत्र की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसलों में स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है। इसी क्रम में खनिज उत्खनन से जुड़े प्रावधानों पर भी असहमति जताई गई और स्थानीय अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।

गांवों में पेसा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर

बैठक में यह बात सामने आई कि पेसा व्यवस्था का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा को स्थानीय स्वशासन और सामुदायिक संसाधनों के प्रबंधन में अधिक प्रभावी भूमिका देना है। इसके लिए ग्रामीणों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी देना भी जरूरी है।

बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने आने वाले समय में गांव-गांव जाकर पारंपरिक ग्रामसभाओं को मजबूत करने और पेसा से जुड़े प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही।

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