रांची : पेट्रोल-डीजल की किल्लत आज तीसरे दिन भी जारी रही. राजधानी रांची के पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रही. कुछ पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद रहे. ऐसे में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. आम लोगों के साथ-साथ पेट्रोल डीजल की किल्लत का असर व्यवसाय जगत पर भी पड़ा है.
इंडस्ट्री में कर्मचारी की उपस्थिति प्रभावित हो रही है. वहीं डीजल की कमी के कारण वैकल्पिक पावर नहीं मिल रहा है. इधर, पेट्रोल-डीजल की कमी की वजह से घरेलू सामान के सप्लाई चेन पर भी व्यापक असर पड़ा है. रांची के प्रमुख गल्ला व्यवसायी जुबीन ठक्कर कहते हैं कि पेट्रोल-डीजल की किल्लत और दाम में हुई वृद्धि की वजह से बाहर से आने वाले सामानों के दाम जहां वृद्धि हुई है, वहीं आपूर्ति भी बाधित हुई है. इसमें उसना चावल, सरसो तेल, रिफाइन जैसे सामान शामिल हैं.
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में खाद्य सामानों के दामों में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी. हालांकि केंद्र सरकार ने यह कहा है कि 60 दिनों का बफर स्टॉक है. ऐसे में व्यवसायी और आम जनता को धैर्य से इस स्थिति का सामना करना चाहिए.
शासन-प्रशासन कालाबाजारी पर लगाए रोक – चैम्बर
पेट्रोल-डीजल की किल्लत की वजह से बुरी तरह प्रभावित हो रहे व्यवसाय जगत पर चिंता जताते हुए चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मलहोत्रा कहते हैं कि यदि यह स्थिति आगे बनी रही तो राज्य और देश की घरेलू अर्थव्यवस्था काफी प्रभावित होगी. ऐसे में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि कालाबाजारी पर जहां रोक लगे. वहीं सप्लाई चेन बाधित ना हो इसके लिए उचित प्रबंध किए जायें. आज की तारीख में डीजल पेट्रोल साधारण से साधारण व्यक्ति के लिए आवश्यक आवश्यकता की चीज हो गई है. ऐसे में लोग परिवहन कैसे करेंगे, यदि अपनी गाड़ी से नहीं चलकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी इस्तेमाल करते है तो वह भी तो डीजल से चलता है.
चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सब कमेटी चेयरमैन मुकेश अग्रवाल कहते हैं कि मध्य एशिया में युद्ध के कारण सप्लाई चैन बाधित होने की वजह से जहां तेल कंपनियों को भारी घाटा हो रहा है और केंद्र सरकार को भी क्षति उठानी पड़ रही है, वहीं देश की जनता को भी पेट्रोल डीजल की बढ़ी कीमतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में धैर्य के साथ हम सभी को इसका सामना करना होगा.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ईंधन बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय सुझाए हैं, इसे अमल में लाना चाहिए. उन्होंने कहा कि किल्लत की वजह से जिस तरह से व्यवसाय जगत प्रभावित हो रहा है. उससे महंगाई बढ़ेगी और लोगों की परेशानी फिलहाल कम होती हुई नहीं दिख रही है.


