भारत के कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर ने माना कि उन्हें मौके मिले थे, लेकिन वे इसका फायदा उठाने में विफल रहे. हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट के आखिरी दिन इंग्लैंड ने 371 रन चेस करके रिकॉर्ड जीत दर्ज की. इस जीत की नींव मेजबान टीम की ओपनिंग साझेदारी ने रखी और फिनिशिंग टच इंग्लैंड के महान बल्लेबाज जो रूट ने किया.
इंग्लैंड के दोनों ओपनरों ने चौथी पारी में रिकॉर्ड 188 रनों की साझेदारी की, जिसमें जैक क्रॉली के 65 रन और बेन डकेट के 149 रन शामिल थे. ये भारत के खिलाफ चौथी पारी में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी थी. जबकि रूट ने नाबाद 53 रनों की पारी खेली. इस जीत के साथ इंग्लैंड ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है. दूसरा मैच 2 जुलाई से एजबेस्टन में खेला जाएगा.
‘हम मौके का फायदा नहीं उठा सके’
हार के बाद भारतीय टीम के युवा कप्तान गिल ने कहा, ‘यह एक शानदार टेस्ट मैच था, हमारे पास मैच में मौके बने थे, लेकिन हम उनका फायदा नहीं उठा सके. कुछ कैच छूटे और निचले क्रम ने उतना योगदान नहीं दिया, जितना होना चाहिए था. लेकिन हम अपने प्रदर्शन पर गर्व करते हैं.
दूसरी पारी के बारे में बताते हुए, गिल ने खुलासा किया कि हम उन्हें 400-430 रन का लक्ष्य देकर पारी घोषित करने के बारे में सोच रहे थे, लेकिन हमारे निचले क्रम ने 20-25 रन जोड़े, जो कभी भी अच्छा संकेत नहीं होता. मुझे लगता है कि उनकी शानदार ओपनिंग साझेदारी के बाद, हमारे पास मौके थे, लेकिन हम अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए.
‘हमारे पास एक युवा टीम है जो अभी सीख रही है’
भारत के क्षेत्ररक्षण प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा, गिल ने माना कि छूटे हुए मौकों ने उनके काम को नुकसान पहुंचाया. इस तरह के विकेटों पर मौके आसानी से नहीं मिलते, और हमने कई कैच छोड़े. लेकिन हमारे पास एक युवा टीम है जो अभी भी सीख रही है. उम्मीद है कि अगले मैचों में हम उन पहलुओं में सुधार कर पाएंगे. भारत ने इस टेस्ट में कुल 10 कैच छोड़े थे.
दूसरे टेस्ट मैच में जसप्रीत बुमराह के खेलने के बारे में बात करते हुए गिल ने कहा कि टीम दूसरे टेस्ट से पहले उनके कार्यभार का आकलन करेगी. इस टेस्ट मैच के बाद एक अच्छा ब्रेक है, इसलिए एक बार जब हम मैच के करीब होंगे, तो हम इस बारे में देखेंगे.
‘कोई भी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता’
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा, ‘दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक कैच छोड़ते हैं, कोई भी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता. बल्लेबाजी के दृष्टिकोण से, यह निराशाजनक था क्योंकि हमने पहली पारी में 40 रन पर 7 विकेट और दूसरी पारी में 30 रन पर 6 विकेट खो दिए थे. हमारे पास पहली पारी में लगभग 600 रन बनाने का अवसर था, लेकिन ये चीजें होती रहती हैं. उम्मीद है कि हम दूसरे टेस्ट मैच में चीजें सीख सकेंगे.’


