Thursday, May 14, 2026

पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में पैदा हुए व्यवधान के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता और ईंधन बचत के आह्वान का असर अब देश के राज्यों में दिखने लगा है.

Share

पश्चिम एशिया संकट (West Asia Crisis) के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में पैदा हुए व्यवधान के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता और ईंधन बचत के आह्वान का असर अब देश के राज्यों में दिखने लगा है. विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने और वैश्विक संकट से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने जो आर्थिक देशभक्ति का मंत्र दिया था, उसे आंध्र प्रदेश की सरकार ने गंभीरता से लिया है.

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री लोकेश ने अपने वाहनों के काफिले को कम कर दिया है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू के काफिले को 11 वाहनों से घटाकर केवल चार वाहनों तक सीमित कर दिया गया है. गुरुवार को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू एनएसजी (NSG) सुरक्षा और 2 वाहनों के एस्कॉर्ट के साथ सचिवालय पहुंचे.

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अपने काफिले को आधा कर दिया है. मंत्री लोकेश के वाहनों के काफिले को भी चार से घटाकर दो वाहनों तक सीमित कर दिया गया है. सुरक्षाकर्मियों के लिए एक मिनी वैन की व्यवस्था की गई है. आंध्र प्रदेश के अन्य मंत्रियों ने भी काफिले को छोटा करके खर्च बचाने के उपाय अपनाए हैं.

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि मंत्रियों और अन्य वीआईपी को कम से कम वाहनों का उपयोग करना चाहिए. वह सभी स्तरों पर वाहनों की संख्या आधी करना सुनिश्चित करना चाहते हैं. दूसरी ओर, सरकार ने अन्य क्षेत्रों में भी खर्चों में कटौती के उपायों पर काम करना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री, गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेंगे और इसकी घोषणा करेंगे.

क्या कहा था PM ने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई, 2026 को तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से अपील की थी कि वे ईंधन का इस्तेमाल कम करें. जहां तक हो सके मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें. पीएम ने कहा कि मुमकिन हो तो ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) की व्यवस्था अपनाएं और एक साल तक गैर-जरूरी विदेश यात्रा से भी बचें.

उन्होंने लोगों को पश्चिम एशिया संकट (West Asia Crisis) के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में पैदा हुए व्यवधान के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता और ईंधन बचत के आह्वान का असर अब देश के राज्यों में दिखने लगा है. विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने और वैश्विक संकट से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने जो आर्थिक देशभक्ति का मंत्र दिया था, उसे आंध्र प्रदेश की सरकार ने गंभीरता से लिया है.

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री लोकेश ने अपने वाहनों के काफिले को कम कर दिया है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू के काफिले को 11 वाहनों से घटाकर केवल चार वाहनों तक सीमित कर दिया गया है. गुरुवार को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू एनएसजी (NSG) सुरक्षा और 2 वाहनों के एस्कॉर्ट के साथ सचिवालय पहुंचे.

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अपने काफिले को आधा कर दिया है. मंत्री लोकेश के वाहनों के काफिले को भी चार से घटाकर दो वाहनों तक सीमित कर दिया गया है. सुरक्षाकर्मियों के लिए एक मिनी वैन की व्यवस्था की गई है. आंध्र प्रदेश के अन्य मंत्रियों ने भी काफिले को छोटा करके खर्च बचाने के उपाय अपनाए हैं.

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि मंत्रियों और अन्य वीआईपी को कम से कम वाहनों का उपयोग करना चाहिए. वह सभी स्तरों पर वाहनों की संख्या आधी करना सुनिश्चित करना चाहते हैं. दूसरी ओर, सरकार ने अन्य क्षेत्रों में भी खर्चों में कटौती के उपायों पर काम करना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री, गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेंगे और इसकी घोषणा करेंगे.

क्या कहा था PM ने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई, 2026 को तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से अपील की थी कि वे ईंधन का इस्तेमाल कम करें. जहां तक हो सके मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें. पीएम ने कहा कि मुमकिन हो तो ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) की व्यवस्था अपनाएं और एक साल तक गैर-जरूरी विदेश यात्रा से भी बचें.

उन्होंने लोगों को एक साल तक सोने की खरीदारी टालने की भी सलाह दी थी. इस बात पर ज़ोर दिया कि विदेशी मुद्रा बचाना और आयात पर दबाव कम करना जरूरी है.एक साल तक सोने की खरीदारी टालने की भी सलाह दी थी. इस बात पर ज़ोर दिया कि विदेशी मुद्रा बचाना और आयात पर दबाव कम करना जरूरी है.

Table of contents [hide]

Read more

Local News