पटना हवाई अड्डे पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए चौथा और पांचवां एरोब्रिज चालू हो गया है। डीजीसीए की मंजूरी के बाद, एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानों ने इन नए ब्रिजों का उपयोग किया। अब हवाई अड्डे पर सभी पांचों एरोब्रिज पूरी तरह से काम कर रहे हैं, जिससे टर्मिनल के भीतर यात्रियों की आवाजाही सुव्यवस्थित होगी और भीड़ प्रबंधन में सुधार आएगा। यह कदम बेहतर यात्री अनुभव सुनिश्चित करेगा
पटना। जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना पर यात्रियों की सुविधा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शनिवार रात से हवाई अड्डे पर चौथे और पांचवें पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज (एरोब्रिज) को परिचालन में लाया गया। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से स्वीकृति मिलने के बाद दोनों एरोब्रिज का सफलतापूर्वक संचालन आरंभ हुआ।
चौथे एरोब्रिज से पहली आगमन उड़ान एयर इंडिया की दिल्ली–पटना सेक्टर की उड़ान एआई 1746 रही, जो 178 यात्रियों (पीओबी) के साथ पटना पहुंची। विमान को बे संख्या 10 पर बोर्डिंग गेट संख्या 12 से जुड़े एरोब्रिज के माध्यम से खड़ा किया गया।
इसके बाद पटना–दिल्ली सेक्टर की प्रस्थान उड़ान एआइ 1819 ने 177 यात्रियों (पीओबी) के साथ उड़ान भरते हुए इस एरोब्रिज के औपचारिक परिचालन की शुरुआत की।
दिल्ली–पटना सेक्टर उड़ान की पहला आगमन
वहीं, पांचवें एरोब्रिज के माध्यम से पहली आगमन उड़ान इंडिगो की दिल्ली–पटना सेक्टर की उड़ान 6ई 6549 रही, जिसमें 175 यात्री (पीओबी) सवार थे। विमान को बे संख्या 11 पर बोर्डिंग गेट संख्या 12ए से जुड़े एरोब्रिज के जरिये खड़ा किया गया।

पांचों एरोब्रिज परिचालन में आए
पटना एयरपोर्ट के निदेशक चंद्र प्रताप द्विवेदी ने बताया कि पटना एयरपोर्ट पर अब पांचों एरोब्रिज परिचालन में आ गए हैं। दोनों नए एरोब्रिज के परिचालन में आने से टर्मिनल भवन के भीतर यात्रियों की आवाजाही अधिक सुव्यवस्थित होगी, भीड़ प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार आएगा तथा यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा।
अवसंरचना विकास के माध्यम से जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना यात्रियों को बेहतर और दक्ष सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।


