पटना विश्वविद्यालय ने छात्र संघ चुनाव के लिए नई पात्रता मानदंड तय किए हैं। अब उम्मीदवारों को 75% उपस्थिति और स्वच्छ आपराधिक रिकॉर्ड अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य अनुशासित छात्रों को बढ़ावा देना, छात्र राजनीति के अपराधीकरण और धनबल पर रोक लगाना है। यह पहल भविष्य में मुख्यधारा की राजनीति को बेहतर नेता प्रदान करने और लोकतंत्र को मजबूत करने में सहायक मानी जा रही है।
पटना। पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए तय की गई नई पात्रता को एक सकारात्मक और दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल वही छात्र विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवार बन सकेंगे, जो नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित रहते हों।
75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
छात्र संघ चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत कक्षा उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को आगे लाना है, जो पढ़ाई के साथ जिम्मेदारी और अनुशासन का भी पालन करते हों।
आचरण और आपराधिक रिकॉर्ड की होगी जांच
उम्मीदवारों के आचरण का भी आकलन किया जाएगा। यदि किसी छात्र के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है तो उसकी उम्मीदवारी तत्काल रद कर दी जाएगी। इससे अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को छात्र राजनीति से बाहर रखने में मदद मिलेगी।
अपराधीकरण और धनबल पर लगेगी रोक
देशभर में राजनीति के अपराधीकरण और चुनावों में बढ़ते धनबल का उपयोग गंभीर चिंता का विषय है। छात्र संघ चुनाव में सख्त पात्रता तय होने से इन प्रवृत्तियों पर शुरुआती स्तर पर ही रोक लगाई जा सकेगी।
मुख्यधारा की राजनीति को मिलेंगे बेहतर नेता
राज्य में कई ऐसे विधायक हैं, जिन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा था और छात्र संघ के पदों पर रहते हुए नेतृत्व क्षमता विकसित की। पटना विश्वविद्यालय की यह पहल भविष्य में मुख्यधारा की राजनीति को अच्छे आचरण वाले नेता दे सकती है।
पंचायती राज संस्थाओं तक हो विस्तार
ऐसी व्यवस्था केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और त्रिस्तरीय पंचायतों में साफ छवि वाले लोगों को राजनीति में प्रवेश का अवसर मिले तो लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी।
लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम
आज लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उठ रहे सवालों की एक बड़ी वजह यह है कि कई जनप्रतिनिधि सेवा की भावना से नहीं आते। इस तरह की पहल से राजनीति में शुचिता आएगी और कार्यपालिका व विधायिका के बीच अवांछित गठजोड़ पर भी अंकुश लगेगा।


