पटना जिले की 322 पंचायतों में 2 से 6 फरवरी तक विशेष शिविर लगेंगे, ताकि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाई जा सके। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने अधिकारियों को किसानों में जागरूकता बढ़ाने और एग्री स्टैक परियोजना का लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। अब सीएससी और वसुधा केंद्रों पर फार्मर रजिस्ट्री के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
पटना। जिले में फार्मर रजिस्ट्री कार्य को गति देने के लिए दो फरवरी से छह फरवरी तक सभी 322 पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसे लेकर जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंडों के वरीय नोडल पदाधिकारियों, अपर समाहर्ता एवं उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि किसानों के बीच सघन जन-जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसान बंधुओं को कैम्प तक लाया जाए और एग्री स्टैक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व में भी शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किए गए थे और अब पुनः किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे शिविर में पहुंचकर फार्मर रजिस्ट्रेशन कराएं, फार्मर आईडी बनवाएं और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का पारदर्शी एवं सुचारू लाभ उठाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर और प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने बताया कि सीएससी एवं वसुधा केंद्रों पर भी फार्मर रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही किसान स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार अब फार्मर रजिस्ट्री के लिए सीएससी, वसुधा केंद्रों पर पूर्व में लिया जाने वाला 15 रुपये का सेवा शुल्क समाप्त कर दिया गया है। किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा और इसका वहन संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।


