पटना जंक्शन पर अब केले की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. बावजूद इसके अगर कोई बेचते हुए पकड़ा जायेगा तो उस पर कारवाई भी की जायेगी. पटना जंक्शन से रोजाना करीब 285 जोड़ी से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं. इन ट्रेनों में सफर करने वाले सवा लाख से अधिक यात्रियों का सबसे पसंदीदा फल केला ही लेकिन, अब उन्हें पटना जंक्शन पर यह फल नहीं मिलेगा.
पटना जंक्शन पर अब केले की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. बावजूद इसके अगर कोई बेचते हुए पकड़ा जायेगा तो उस पर कारवाई भी की जायेगी. पटना जंक्शन से रोजाना करीब 285 जोड़ी से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं. इन ट्रेनों में सफर करने वाले सवा लाख से अधिक यात्रियों का सबसे पसंदीदा फल केला ही लेकिन, अब उन्हें पटना जंक्शन पर यह फल नहीं मिलेगा.
सिर्फ इन फलों की होगी बिक्री
मिली जानकारी के अनुसार वेंडरों को पटना जंक्शन पर बिकने वाली फलों की नई सूची सौंपी गई है. इस लिस्ट में कुल 12 तरह के फल शामिल हैं. इसमें सेब, संतरा, आम, अमरूद, खीरा, अनार अनानस, ककड़ी, खजूर, पपीता, अंगूर और पपीता साबुत को शामिल किया गया है. अब से पटना जंक्शन पर सिर्फ इन्हीं फलों की बिक्री होगी. इसके लिए शर्त यह है कि जिनको छिलकर खाया जाता है वैसे सभी फलों को छील कर ही बेचना है.
केला पर क्यों लगा प्रतिबंध
जानकारी के अनुसार स्टेशन और प्लेटफॉर्मों पर स्वच्छता को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो. इसी कड़ी में वेंडरों को 12 प्रकार के फलों की बिक्री की अनुमति दी गई है. वहीं, ऐसे फल जिनके छिलकों से स्टेशन परिसर में गंदगी फैलने की आशंका रहती है, जैसे केला, उनकी बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है. अगर कोई वेंडर नियमों का उल्लंघन करते हुए ऐसे फल बेचते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
रोजाना 200 दर्जन केलों की बिक्री
जानकारी के मुताबिक पटना जंक्शन पर सबसे अधिक मांग केलों की ही रहती है. यहा कुल 20 वेंडर फल विक्रेता हैं. पटना जंक्शन और दानापुर स्टेशन पर हर दिन 200 दर्जन से अधिक केले बिकते हैं. हालांकि यहां केले खाने को लेकर कुछ आदेश नहीं दिया गया है


