Wednesday, July 8, 2026

पटना के मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्निर्माण के कारण इस बार रणजी ट्रॉफी के मुकाबले राजगीर में हो सकते हैं।

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पटना। इस बार घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी का रोमांच पटना के बजाय राजगीर में देखने को मिल सकता है। राजधानी के मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्निर्माण कार्य के चलते वहां मैचों का आयोजन संभव नहीं होगा।

  • ऐसे में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने राज्य सरकार से आगामी रणजी मुकाबलों की मेजबानी राजगीर में कराने का आग्रह किया है। सरकार की मंजूरी मिलने पर राजगीर क्रिकेट स्टेडियम पहली बार रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों की मेजबानी करेगा।
  • राजगीर में मुकाबले होने पर बिहार टीम के युवा खिलाड़ी Vaibhav Suryavanshi और उत्तर प्रदेश के स्टार बल्लेबाज Rinku Singh जैसे खिलाड़ियों को एक ही मैदान पर देखने का अवसर मिलेगा।
  • हालांकि सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के कारण दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बावजूद मैचों को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बना हुआ है।
  • Moin-ul-Haq Stadium दशकों से बिहार क्रिकेट का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्तमान में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है।
  • बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने इसके लिए तीन वर्ष का समय मांगा है। इसी कारण खिलाड़ियों की सुविधाओं को देखते हुए राजगीर को वैकल्पिक स्थल के रूप में चुना गया है।
  • बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव Ziaul Arfin ने बताया कि राजगीर में मैच आयोजित कराने के लिए खेल मंत्री को पत्र भेजा गया है।
  • उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही मंजूरी दे देगी। फिलहाल राजगीर खेल स्टेडियम का मैदान और पवेलियन तैयार है, जिससे यहां मुकाबले आयोजित कराना संभव माना जा रहा है।
  • पिछले रणजी सत्र में बिहार की टीम ने शानदार और अजेय प्रदर्शन करते हुए प्लेट ग्रुप का खिताब अपने नाम किया था। इस उपलब्धि के दम पर टीम ने एलीट ग्रुप में जगह बनाई है।
  • अब बिहार का मुकाबला देश की उन मजबूत टीमों से होगा, जिनका घरेलू क्रिकेट में वर्षों से दबदबा रहा है। एलीट वर्ग में कई ऐसे खिलाड़ी भी शामिल होंगे, जो भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

घरेलू मैदान पर तीन बड़े मुकाबले

रणजी सत्र के कार्यक्रम के अनुसार बिहार अपने संभावित घरेलू मैदान राजगीर में तीन अहम मुकाबले खेलेगा। पहला मैच 11 से 14 अक्टूबर के बीच उत्तर प्रदेश के खिलाफ होगा।

इसके बाद 17 से 20 जनवरी तक बिहार की भिड़ंत गत विजेता जम्मू-कश्मीर से होगी। घरेलू अभियान का तीसरा और अंतिम मुकाबला 24 से 27 जनवरी तक पूर्व चैंपियन विदर्भ के खिलाफ खेला जाएगा।

अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं।

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