रांची: नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में प्राप्त अंकों को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत मूल दस्तावेजों की जांच के बाद याचिकाकर्ता द्वारा याचिका वापस लेने का अनुरोध किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
यह मामला अभ्यर्थी लक्ष्य सिंह से जुड़ा था, जिन्होंने परिणाम में अंक संबंधी कथित विसंगति को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में हुई।
पूर्व सुनवाई में अदालत ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से संबंधित अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट, टेस्ट बुकलेट और अन्य रिकॉर्ड सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया था। यह आदेश इसलिए दिया गया था क्योंकि वेबसाइट पर उपलब्ध ओएमआर शीट के आधार पर अभ्यर्थी अधिक अंक मिलने का दावा कर रहा था, जबकि घोषित परिणाम में उसे काफी कम अंक प्राप्त हुए थे।
सुनवाई के दौरान एनटीए ने अदालत के समक्ष मूल ओएमआर शीट प्रस्तुत की। रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत जानकारी और मूल दस्तावेजों में अंतर था। अदालत में यह भी बताया गया कि ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी में कथित रूप से छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं।
इन तथ्यों के सामने आने के बाद याचिकाकर्ता की ओर से याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले को समाप्त कर दिया और याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि अभ्यर्थी ने दावा किया था कि वेबसाइट पर उपलब्ध ओएमआर शीट के आधार पर उसके अंक घोषित परिणाम से कहीं अधिक बन रहे थे। इसी आधार पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, मूल रिकॉर्ड की जांच के बाद मामला आगे नहीं बढ़ सका और याचिका वापस ले ली गई।
