Wednesday, May 6, 2026

निकाय चुनाव में प्रत्येक बूथ पर पीठासीन अधिकारी सहित चार मतदान अधिकारी तैनात होंगे

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निकाय चुनाव में प्रत्येक बूथ पर पीठासीन अधिकारी सहित चार मतदान अधिकारी तैनात होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने उनकी जिम्मेदारियां तय की हैं।

रांची। निकाय चुनाव में मतदान संपन्न कराने के लिए प्रत्येक बूथ पर एक पीठासीन पदाधिकारी सहित चार-चार मतदान पदाधिकारी तैनात किए गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी के काम और जिम्मेदारी तय कर दिए हैं। आप जैसे ही बूथ के अंदर प्रवेश करेंगे, वहां प्रथम मतदान अधिकारी के रूप में तैनात कर्मी ‘मतदाता सूची की चिह्नित प्रति’ का प्रभारी होगा जो मतदाताओं की पहचान के लिए उत्तरदायी होगा।

सबसे पहले आपको उसके पास जाना होगा। वह आपकी मतदाता के रूप में पहचान करेगा। मतदाता की पहचान के दौरान यदि किसी मतदाता की अंगुली पर पहले से अमिट स्याही लगा हुआ पाया जाता है या यह माना जाएगा कि पूर्व में लगी स्याही को उसने मिटा दिया है या मिटाने का प्रयास किया है।

ऐसे में उसे वोट देने के लिए प्राधिकृत नहीं करेगा। इसके बाद द्वितीय मतदान अधिकारी मतदाता की बाएं हाथ की तर्जनी का निरीक्षण करेगा कि इस पर अमिट स्याही का कोई चिह्न या संकेत पहले से तो नहीं है और तब नाखून के मूल के ऊपर अमिट स्याही का चिह्न इस तरह लगाएगा कि यह त्वचा और नाखून के बीच रिज पर फैल जाए और तर्जनी पर स्पष्ट चिह्न रह जाएं।

प्रत्येक मतदाता की उंगली पर लगी अमिट स्याही को सूखने की भी प्रतीक्षा की जाएगी तथा यदि कोई मतदाता स्याही को उसी समय इस प्रकार हटाने का प्रयास करे जिससे कि चिह्न मिट जाय, तो ऐसे मतदाता को तब तक मतदान नहीं करने दिया जाएगा, जब तक वह अपनी उंगली में बिना प्रतिरोध के चिह्न नहीं लगवा ले।

अमिट स्याही लगवाने के बाद मतदाता तृतीय मतदान अधिकारी के पास जाएगा। तृतीय मतदान अधिकारी वार्ड पार्षद के निर्वाचन के मतपत्र का प्रभारी होगा जो मतदाता की बारी से संतुष्ट हो जाने के बाद उसे बैलेट पेपर उपलब्ध कराएगा।

बैलेट पेपर उपलब्ध कराने के पूर्व मतदाता का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेगा। साथ ही मतदाता का क्रमांक अंकित करेगा। इसी क्रम में तृतीय मतदान अधिकारी द्वारा मतदाता को यह भी बता दिया जाएगा कि वह गुलाबी पर्ची लेकर चतुर्थ मतदान अधिकारी के पास जाएगा।

वार्ड पार्षद के मतदान के लिए बैलेट पेपर प्राप्त करने के बाद मतदाता चतुर्थ मतदान अधिकारी के पास जाएगा। चतुर्थ मतदान अधिकारी महापौर/अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए बैलेट पेपर का प्रभारी होगा।

वह मतदाता की बारी तथा अमिट स्याही मिटाया नहीं गया है, से संतुष्ट होकर उसे बैलेट पेपर उपलब्ध कराएगा। वह भी मतदाता का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेगा।

इसके बाद मतदाता को निर्देशित करेगा कि वह वार्ड पार्षद एवं महापौर/अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए वोटिंग कंपार्टमेंट में जाकर मतदान करे। पीठासीन पदाधिकारी इन सभी प्रक्रियाओं की निगरानी करेगा तथ वह मतदान केंद्र का समग्र रूप से प्रभारी होगा।

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