धनबादः जिला के नेहरू कॉम्पलेक्स ग्राउंड आजसू पार्टी के 40वें स्थापना दिवस समारोह एवं जन आक्रोश रैली आयोजित की गयी. जिसमें संगठन के चार दशक के संघर्ष, योगदान और आंदोलन की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया.
इस दौरान आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आजसू का उद्देश्य शोषणमुक्त झारखंड का निर्माण है लेकिन वर्तमान सरकार अपने सिद्धांतों से भटक चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार जनहित की नहीं, बल्कि वसूली की राजनीति करने वाली सरकार बन गई है.
सुदेश महतो ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखकर दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आत्मा भी व्यथित होती होगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अन्याय और शोषण नहीं रुका तो आजसू आने वाले दिनों में राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी. साथ ही कार्यकर्ताओं से आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की.
इस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत में सुदेश महतो ने कहा कि आजसू झारखंड राज्य के 25 वर्षों के संघर्ष और विकास यात्रा की सहभागी रही है. उन्होंने कहा कि आज राज्य की स्थिति का आकलन करने पर ऐसा प्रतीत होता है कि झारखंड फिर से 90 के दशक जैसी परिस्थितियों की ओर बढ़ रहा है. जहां आंदोलन की आवाज दबाने और लोगों के आर्थिक आधार को कमजोर करने की कोशिशें होती थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है. सरकार पर अधिकारियों का प्रभाव बढ़ गया है और आम जनता सरकारी कार्यालयों में खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है.

बीसीसीएल से जुड़े मुद्दों पर भी सुदेश महतो ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि रैयतों को उनके वैधानिक अधिकार मिलना चाहिए और उचित मूल्यांकन के आधार पर नियोजन तथा मुआवजा सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले बीसीसीएल अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया.
उनका कहना था कि कार्रवाई के दौरान कई बार अधिकारियों के साथ अभद्रता होती है और उन्हें बंधक तक बना लिया जाता है. ऐसे में बीसीसीएल की सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने की आवश्यकता है. इसके अलावा उन्होंने धनबाद के पुलिस कप्तान पर एक अपराधी द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी से कराने की मांग भी की.



