नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026
धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक रुख का असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार पर दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को दोनों कीमती धातुओं के वायदा भाव में कमजोरी रही। चांदी की कीमत एक कारोबारी सत्र में 4,000 रुपये से अधिक गिर गई।
MCX पर सोने और चांदी का नया भाव
घरेलू वायदा बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 0.63 प्रतिशत यानी 911 रुपये गिरकर 1,41,685 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया। दोपहर के कारोबार में इसमें हल्का सुधार हुआ और भाव करीब 1,41,800 रुपये के आसपास रहा।
वहीं, चांदी में ज्यादा गिरावट देखने को मिली। चांदी का वायदा भाव 2.26 प्रतिशत यानी 4,282 रुपये टूटकर 1,85,171 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर आ गया।
ये MCX के वायदा भाव हैं। स्थानीय सर्राफा बाजार में आभूषणों की कीमत शहर, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और टैक्स के आधार पर अलग हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर पड़े भाव
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव रहा। हाजिर सोना करीब 0.7 प्रतिशत गिरकर 3,991 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, हाजिर चांदी लगभग 1.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 51.27 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
अमेरिकी फेड के रुख का बाजार पर असर
कीमती धातुओं में गिरावट की एक प्रमुख वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख बताया जा रहा है। फेड ने अपनी हालिया बैठक में ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखा।
रिपोर्ट के मुताबिक, फेड चेयरमैन केविन वार्श ने महंगाई को लेकर चिंता जताई। वहीं, दो नीति निर्माताओं ने ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया। इससे निवेशकों के बीच यह आशंका बढ़ी कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।
सोने-चांदी के भाव में आगे क्या हो सकता है?
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने के लिए 1.40 लाख से 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर अहम माना जा रहा है। यदि कीमतें इस दायरे से नीचे जाती हैं, तो 1.37 लाख रुपये तक गिरावट की संभावना जताई जा रही है।
चांदी के लिए 1.83 लाख से 1.85 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। हालांकि, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
त्योहारी खरीदारी से पहले ग्राहकों के लिए जरूरी बात
धनतेरस और दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए कीमतों में आई गिरावट राहत दे सकती है। हालांकि, बाजार में भाव लगातार बदलते रहते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार में ताजा रेट, सोने की शुद्धता, हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर लें।
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