पटना: बिहार की राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। करीब 1,969 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की लंबाई लगभग 25.081 किलोमीटर है। परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी सामने आई है।
चार लेन वाले इस कॉरिडोर से दानापुर और बिहटा के बीच आवागमन आसान बनाने की योजना है। इसके शुरू होने के बाद पटना के पश्चिमी हिस्से में यातायात का दबाव कम करने और बिहटा एयरपोर्ट तक पहुंच बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
25 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा फोरलेन कॉरिडोर
दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड को पटना की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गिना जा रहा है। इसके निर्माण से दानापुर, बिहटा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
परियोजना के तहत चार लेन वाले एलिवेटेड मार्ग के साथ संबंधित सड़क खंडों के विकास की भी योजना है। इसका उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाना और विभिन्न इलाकों के बीच संपर्क मजबूत करना है।
1969 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा निर्माण
इस परियोजना पर लगभग 1,969 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख किया गया है। जमीन अधिग्रहण पूरा होने से परियोजना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हो गई है।
हालांकि, जमीन अधिग्रहण पूरा होने का मतलब यह नहीं है कि निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है। कॉरिडोर के चालू होने की तारीख और निर्माण की वर्तमान स्थिति की पुष्टि संबंधित विभाग की नवीनतम जानकारी से की जानी चाहिए।
NH-922 और NH-139 से कनेक्टिविटी होगी बेहतर
प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग-922 और राष्ट्रीय राजमार्ग-139 से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराने की योजना का हिस्सा माना जा रहा है। इसके तहत कनहौली मोड़ और एम्स गोलंबर जैसे प्रमुख स्थानों से कनेक्टिविटी को महत्व दिया गया है।
बेहतर सड़क संपर्क से आसपास के क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को यात्रा के लिए अतिरिक्त सुविधा मिल सकती है। इससे प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रबंधन को भी मदद मिलने की संभावना है।
बिहटा एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को मिल सकता है लाभ
दानापुर-बिहटा कॉरिडोर की अहमियत बिहटा में विकसित हो रहे हवाई अड्डे से बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत के कारण भी बढ़ जाती है। बेहतर कनेक्टिविटी होने से पटना और आसपास के क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक पहुंचने में यात्रियों को सुविधा मिल सकती है।
इसके अलावा, बिहटा और दानापुर के बीच नियमित आवागमन करने वाले लोगों, कारोबारियों और अन्य यात्रियों को भी इस परियोजना से लाभ मिलने की उम्मीद है।
पटना के पश्चिमी हिस्से में यातायात का दबाव घटाने की उम्मीद
पटना के शहरी और आसपास के इलाकों में बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़क बुनियादी ढांचे का विस्तार महत्वपूर्ण हो गया है। दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड से प्रमुख मार्गों पर आवागमन को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, यातायात पर इसका वास्तविक प्रभाव कॉरिडोर के चालू होने, आसपास की सड़कों की स्थिति और वाहनों की आवाजाही जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष: दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर पटना और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है। जमीन अधिग्रहण पूरा होने के बाद अब निर्माण की प्रगति और परियोजना के पूरा होने की समयसीमा पर नजर रहेगी। इसके तैयार होने से बिहटा एयरपोर्ट तक सड़क संपर्क बेहतर होने और क्षेत्रीय यातायात को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
