भारत में नेशनल हाइवेज़ का तेसी से विस्तार हो रहा है और इसके साथ ही सड़कों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं. अब विकास का मतलब सिर्फ चौड़ी सड़कें बनाना नहीं, बल्कि उन पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है. इसी दिशा में ट्रक माउंटेड अटेन्यूएटर्स यानी TMA जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग भी बढ़ा है, जो सड़क निर्माण और रखरखाव कार्यों में अहम भूमिका निभा रही है.
हाईवे पर काम करने वाले लेबर्स अक्सर बेहद जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं. तेज रफ्तार वाहनों और सीमित दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है. ऐसे में टीएमए एक सुरक्षा कवर की तरह काम करता है. यह एक विशेष उपकरण होता है, जिसे ट्रक के पीछे लगाया जाता है और टक्कर की स्थिति में यह झटके को सोख लेता है. इससे आगे काम कर रहे लेबर्स और टक्कर मारने वाले वाहन के चालक, दोनों की सुरक्षा होती है.
दुर्घटना से पहले भी खतरे को करेगा कम
इन उपकरणों की खास बात यह है कि ये सिर्फ दुर्घटना के समय ही नहीं, बल्कि उससे पहले भी खतरे को कम करने में मदद करते हैं. इनमें लगे हाई-इंटेंसिटी विग-वैग लाइट्स दूर से ही ड्राइवरों को चेतावनी देते हैं. खासकर रात के समय, कोहरे या कम विजिबिलिटी वाले हालात में ये काफी उपयोगी साबित होते हैं. वर्तमान में कई हाईवे परियोजनाओं पर TMA और TTMA (टॉवेबल TMA) लगाए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं. ये डिवाइस लगभग 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक की टक्कर को सहने की क्षमता रखते हैं. इससे न सिर्फ जान-माल का नुकसान कम होता है, बल्कि सड़क पर काम करने वाले लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
लिहाजा, ट्रक माउंटेड अटेन्यूएटर्स सड़क सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ये न सिर्फ दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम करते हैं, बल्कि उन्हें रोकने में भी मदद करते हैं. आने वाले समय में इस तरह की टेक्नोलॉजी का और भी ज्यादा और व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है, जो देशभर की सड़कों की सुरक्षा को बेहतर बनाएंगे.


