Saturday, October 24, 2026

टेंडर में गड़बड़ी की शिकायत के बाद बैक डेट से जारी हुआ वर्क ऑर्डर, डिजिटल सिग्नेचर से खुलासा.

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चतरा | BHARATSUPERFASTNEWS: झारखंड के चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत नवाडीह पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण के टेंडर को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत किए जाने के बाद संबंधित इंजीनियर ने ठेकेदार नागेंद्र कुमार साहू के नाम वर्क ऑर्डर पिछली तारीख डालकर जारी किया। हालांकि, दस्तावेज पर दर्ज डिजिटल हस्ताक्षर की तारीख से यह मामला सामने आया। इस प्रकरण को लेकर ग्रामीण विकास विभाग और जिले के उपायुक्त से शिकायत किए जाने की जानकारी है।

दिसंबर 2025 में निकला था स्वास्थ्य उपकेंद्र का टेंडर

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, नवाडीह पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण के लिए 15 दिसंबर 2025 को टेंडर जारी किया गया था। इसमें अनुज कंस्ट्रक्शन, नागेंद्र कुमार साहू और सुमन कुमारी ने भाग लिया था।

26 दिसंबर 2025 को टेंडर का तकनीकी बिड खोला गया। इसके बाद 8 जनवरी 2026 को तकनीकी बिड का मूल्यांकन किया गया, जिसमें अनुज कंस्ट्रक्शन को अयोग्य घोषित कर दिया गया।

टेंडर प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई को लेकर सवाल तब उठे, जब तकनीकी बिड खुलने के लगभग पांच महीने बाद वित्तीय बिड खोला गया। रिपोर्ट के मुताबिक, 10 जून 2026 को वित्तीय बिड का मूल्यांकन हुआ, जिसमें नागेंद्र कुमार साहू को एल-1 यानी सबसे कम बोली लगाने वाला पात्र निविदाकार घोषित किया गया।

एल-1 घोषित होने से पहले काम शुरू करने का आरोप

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नागेंद्र कुमार साहू ने एल-1 घोषित किए जाने से पहले ही स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। इस पर स्थानीय ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और निर्माण स्थल की जमीन के स्वामित्व को लेकर भी सवाल उठाए।

ग्रामीणों के अनुसार, जिस जमीन पर निर्माण कराया जा रहा था, वह वर्ष 1956 से किसी अन्य व्यक्ति के स्वामित्व में है और उस जमीन का लगान भी जमा किया जा रहा था। ऐसे में निर्माण कार्य शुरू किए जाने की परिस्थितियों को लेकर विवाद पैदा हुआ।

हालांकि, जमीन के स्वामित्व और निर्माण कार्य की वैधता की आधिकारिक पुष्टि संबंधित राजस्व अभिलेखों तथा विभागीय दस्तावेजों से किया जाना जरूरी है।

18 अप्रैल की तारीख, डिजिटल हस्ताक्षर 15 अक्टूबर के

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल वर्क ऑर्डर पर दर्ज तारीख को लेकर उठ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत के बाद नागेंद्र कुमार साहू के नाम वर्क ऑर्डर जारी किया गया, जिस पर 18 अप्रैल 2026 की तारीख अंकित थी।

लेकिन दस्तावेज पर डिजिटल हस्ताक्षर की तारीख 15 अक्टूबर 2026 दर्ज होने की बात सामने आई। इसी अंतर के आधार पर आरोप लगाया गया कि वर्क ऑर्डर वास्तव में बाद में जारी किया गया, जबकि उस पर पहले की तारीख लिखी गई थी।

डिजिटल हस्ताक्षर की तारीख दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जाने के समय का महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है। हालांकि, पूरे मामले की पुष्टि के लिए मूल डिजिटल दस्तावेज, हस्ताक्षर का सत्यापन और संबंधित विभाग के रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है।

ग्रामीण विकास विभाग और प्रशासन से शिकायत

स्वास्थ्य उपकेंद्र के टेंडर और निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीण विकास विभाग सहित चतरा के उपायुक्त से शिकायत किए जाने की जानकारी है। शिकायत में टेंडर प्रक्रिया, निर्माण कार्य शुरू करने के समय और वर्क ऑर्डर की तारीख को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

अब मामले में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है कि तकनीकी और वित्तीय बिड की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी हुई थी या नहीं। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित ठेकेदार को आवश्यक अनुमति और कार्यादेश प्राप्त था या नहीं।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्ष या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का विवरण नहीं है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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