Ranchi News, 7 November 2026: झारखंड में बंद पड़ी खदानों को दोबारा चालू कराने और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य की करीब 62 बंद कोयला खदानों के आवंटन की समीक्षा कर नियमानुसार दोबारा नीलामी की तैयारी है। इसके साथ ही लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर और ग्रेफाइट समेत अन्य खनिजों के बंद पट्टों की भी समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 3 जून 2026 को हुई खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए गए थे। अब इन निर्देशों के अनुपालन को लेकर खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने 6 नवंबर को सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी), पुलिस अधीक्षकों (एसपी), वन प्रमंडल पदाधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही उनसे अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है।
राज्य में 62 कोयला खनन पट्टे बंद
समीक्षा बैठक में सामने आया था कि झारखंड में करीब 165 कोयला खनन पट्टे आवंटित हैं। इनमें 103 खदानें वर्तमान में संचालित हैं, जबकि करीब 62 बंद पड़ी हैं।
बंद खदानों में से 58 पट्टे बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल को आवंटित हैं। शेष चार पट्टे सेल, टाटा स्टील, हिंडाल्को और अरन्या माइंस प्राइवेट लिमिटेड को मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था कि जिन खदानों में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति और वन संबंधी मंजूरी मिलने के बावजूद खनन कार्य शुरू नहीं हुआ है, उनकी समीक्षा की जाए। नियमों के तहत ऐसे खनन पट्टों का आवंटन रद्द कर दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
लौह अयस्क, बॉक्साइट समेत 49 बंद खनन पट्टों की समीक्षा
कोयले के अलावा राज्य में लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर और ग्रेफाइट जैसे खनिजों से जुड़े करीब 85 बड़े खनन पट्टे आवंटित हैं। इनमें 36 संचालित हैं, जबकि 49 बंद पड़े हैं।
इन खदानों की भी समीक्षा की जाएगी। जिन पट्टों में जरूरी स्वीकृतियां और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद खनन शुरू नहीं किया गया है, उनके आवंटन को नियमानुसार रद्द कर दोबारा नीलामी करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा समाप्त हो चुके और निष्क्रिय खनन पट्टों की सूची तैयार कर उनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
सोने के खनन और लौह अयस्क के उठाव पर भी तैयारी
सरकार ने राज्य में गोल्ड ब्लॉकों के अन्वेषण और उनकी नीलामी की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया है। लौह अयस्क के उठाव से राजस्व बढ़ाने के लिए भी संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
इससे खनिज संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और सरकारी राजस्व बढ़ाने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
444 बालू घाटों में 300 की नीलामी पूरी
राज्य में बालू घाटों की नीलामी और संचालन को लेकर भी समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुल 444 बालू घाटों में से 300 की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष घाटों की नीलामी जल्द पूरी करने और नीलाम किए गए घाटों का संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसके लिए जिला प्रशासन, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। बालू घाटों और प्रमुख निकासी मार्गों पर चेकनाका स्थापित करने तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी योजना है।
अवैध खनन और परिवहन पर तकनीक से निगरानी
कोयला और अन्य खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए राज्य और जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है।
अवैध खनन और बालू के अवैध उठाव की निगरानी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी वैधानिक स्वीकृति नहीं लेने और गैर-कार्यशील रहने वाले खनन पट्टों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
अब खान विभाग की ओर से मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर जिलों में हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य बंद खदानों के आवंटन की स्थिति स्पष्ट करना, खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और अवैध खनन पर नियंत्रण करना है।
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