रांची:झारखंड में अब सूचना आयोग का कार्यालय गुलजार होने वाला है. राज्यपाल की सहमति के बाद कार्मिक विभाग से अधिसूचना जारी होते ही जल्द ही चार नए सूचना आयुक्त अनुज सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक पदभार ग्रहण करेंगे. पदभार ग्रहण करने से पहले लोकभवन में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी. नवमनोनीत सूचना आयुक्त तनुज खत्री ने बताया कि शपथ ग्रहण के पश्चात पदभार ग्रहण किया जाएगा.
झारखंड राज्य सूचना आयोग में खुशी की लहर
इधर, सूचना आयुक्तों के मनोनयन के बाद झारखंड राज्य सूचना आयोग में खुशी की लहर है. पदभार ग्रहण करने के पश्चात यहां लंबे समय से लंबित केसों की सुनवाई शुरू होगी. गौरतलब है कि 8 मई 2020 को तत्कालीन प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल समाप्त होते ही राज्य सूचना आयोग में सुनवाई पूरी तरह से ठप हो गई है. सुनवाई नहीं होने की वजह से आयोग में करीब 25 हजार अपील लंबित है. यहां हर दिन जिला स्तर से करीब 100 अपील याचिका ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में आयोग में पहुंचता है.
झारखंड के पहले मुख्य सूचना आयुक्त थे हरि शंकर प्रसाद
झारखंड राज्य सूचना आयोग का गठन राज्य सरकार द्वारा 24.07.2006 को किया गया था. राज्य के पहले मुख्य सूचना आयुक्त सेवानिवृत्त जस्टिस हरि शंकर प्रसाद बने थे, जिन्होंने 30.07.2006 को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी, जो 30.06.2008 तक रहे. उनके साथ ही शपथ लेने वाले अन्य छह सूचना आयुक्त जुलाई 2011 तक अपने पद पर बने रहे. इसके बाद जस्टिस दिलीप कुमार सिन्हा (रिटायर्ड) ने 05.08.2011 को मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) के पद की शपथ ली, जो 31.07.2014 तक इस पद पर रहे. तत्पश्चात मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर आदित्य स्वरूप IAS (रिटायर्ड) 24.04.2015 को आसीन हुए. उनके साथ दो राज्य सूचना आयुक्त प्रबोध रंजन दास और हिमांशु शेखर चौधरी ने कार्यभार संभाला.
सूचना आयुक्तों के मनोनयन पर होती रही है राजनीति
राज्य में सूचना आयुक्तों के मनोनयन को लेकर राजनीति होती रही है. ऐसे में चार नए आयुक्तों की नियुक्ति के बाद नेताओं के सुर बदलने लगे हैं और क्रेडिट लेने की होड़ मच गई है. भाजपा प्रवक्ता अजय साह कहते हैं कि भाजपा हमेशा से सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की मांग करती रही है. बाबूलाल मरांडी हमेशा सरकार को पत्र लिखकर विभागीय कामकाज से संबंधित आंकड़े मांगते हैं, लेकिन नहीं मिलता है. राज्य में सूचना का अधिकार के तहत लोगों को सरकारी कामकाज की जानकारी नहीं मिलती थी. हमें उम्मीद है कि नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद लंबित केसों की सुनवाई होगी. साथ ही उम्मीद है कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति भी सरकार जल्द करेगी, ताकि लोगों को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मिल पाए.
इधर, प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि सरकार सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर संजीदा थी और तकनीकी अड़चनों को दूर कर चार नए आयुक्त बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार कानून यूपीए सरकार की देन है और इसे केंद्र की भाजपा सरकार खत्म करना चाहती है, मगर यह नहीं होने दिया जाएगा. झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति हुई है और इसकी अधिसूचना भी जारी हो चुकी है. मुझे उम्मीद है कि जल्द ही मुख्य सूचना आयुक्त की भी नियुक्ति होगी.


