रांची: काफी जद्दोजहद के बाद झारखंड में सूचना आयुक्तों का मनोनयन हो गया है. आज लोकभवन में चार नए सूचना आयुक्त अनुज सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. लोकभवन के दरबार हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सांसद बैजनाथ राम, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे. शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त सूचना आयुक्तों को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई दी.
- सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद झारखंड राज्य आयोग एक बार फिर गुलजार हो गया है. नए सूचना आयुक्तों के आने के बाद यहां लंबे समय से लंबित केसों की सुनवाई शुरू होगी. गौरतलब है कि 8 मई 2020 को तत्कालीन प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल समाप्त होते ही राज्य सूचना आयोग में सुनवाई पूरी तरह से ठप हो गई थी. सुनवाई नहीं होने की वजह से आयोग में करीब 25 हजार अपील लंबित है. यहां हर दिन जिलास्तर से करीब 100 अपील याचिका ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में आयोग में पहुंचता है.
- झारखंड राज्य सूचना आयोग का गठन राज्य सरकार द्वारा 24.07.2006 को किया गया था. राज्य के पहले मुख्य सूचना आयुक्त जस्टिस हरि शंकर प्रसाद (रिटायर्ड) बने थे. जिन्होंने 30.07.2006 को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी और 30.06.2008 तक पद पर रहे थे. उनके साथ ही शपथ लेने वाले अन्य छह सूचना आयुक्त जुलाई 2011 तक अपने पद पर बने रहे थे.
इसके बाद जस्टिस दिलीप कुमार सिन्हा (रिटायर्ड) ने 05.08.2011 को मुख्य सूचना आयुक्त (C.I.C.) के पद की शपथ ली और 31.07.2014 तक इस पद पर रहे. तत्पश्चात मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर आदित्य स्वरूप IAS (रिटायर्ड) 24.04.2015 को आसीन हुए. उनके साथ दो राज्य सूचना आयुक्त प्रबोध रंजन दास और हिमांशु शेखर चौधरी ने कार्यभार संभाला.


