Saturday, August 1, 2026

जुलाई में जीएसटी संग्रह ने पार किया ₹2.11 लाख करोड़ का आंकड़ा, आयात से राजस्व में तेज बढ़ोतरी

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नई दिल्ली: जुलाई 2026 में देश के वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार की ओर से जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस महीने सकल जीएसटी संग्रह ₹2.11 लाख करोड़ से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.4 प्रतिशत अधिक है। जुलाई 2025 में यह आंकड़ा लगभग ₹1.83 लाख करोड़ था।

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और आयात में तेज वृद्धि के कारण कर संग्रह में यह सुधार देखने को मिला है।

घरेलू कारोबार और आयात दोनों से बढ़ा राजस्व

आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू लेनदेन से प्राप्त सकल जीएसटी राजस्व बढ़कर ₹1.45 लाख करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पहले ₹1.31 लाख करोड़ था। वहीं, आयात पर मिलने वाले जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। यह राजस्व बढ़कर ₹66,511 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹51,626 करोड़ था।

इससे संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आयात गतिविधियों में बढ़ोतरी का सकारात्मक असर सरकारी राजस्व पर पड़ा है।

रिफंड के बाद भी मजबूत रहा शुद्ध संग्रह

रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह करीब ₹1.81 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15.8 प्रतिशत अधिक है। घरेलू शुद्ध राजस्व ₹1.27 लाख करोड़ दर्ज किया गया, जबकि सीमा शुल्क से जुड़े शुद्ध जीएसटी राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।

जुलाई के दौरान कुल ₹29,968 करोड़ का जीएसटी रिफंड जारी किया गया। इसमें घरेलू रिफंड के साथ-साथ निर्यात से जुड़े रिफंड भी शामिल हैं।

वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीने रहे उत्साहजनक

अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच देश का कुल सकल जीएसटी संग्रह ₹8.43 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले लगभग 10.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं, शुद्ध संग्रह भी बढ़कर ₹7.21 लाख करोड़ पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में कर संग्रह लगातार मजबूत बना हुआ है।

राज्यों के प्रदर्शन में दिखा अंतर

राज्यों के स्तर पर महाराष्ट्र ने सबसे अधिक जीएसटी संग्रह दर्ज किया। इसके अलावा गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर वृद्धि देखने को मिली।

हालांकि, कुछ राज्यों में संग्रह में गिरावट भी दर्ज की गई। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में मामूली कमी रही, जबकि सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट दर्ज की गई।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जारी किए गए आंकड़े प्रारंभिक (Provisional) हैं और अंतिम सत्यापन के बाद इनमें कुछ बदलाव संभव है।

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