जामताड़ा डीसी आलोक कुमार ने समाहरणालय सभागार में गुरुवार को सर्व शिक्षा अभियान व शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की. कई मानकों पर स्कूलों के खराब प्रदर्शन पर डीसी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए.इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने व स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया
सबसे गंभीर मामला शिक्षकों की उपस्थिति का सामने आया. डीसी ने बताया कि मई व जून में 285 से अधिक शिक्षकों की बायोमीट्रिक (ऑनलाइन) उपस्थिति शून्य पाई गई. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने व स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. साथ ही बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
- बैठक में यह भी सामने आया कि 49 विद्यालयों में मई महीने में छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति (ई-विद्या वाहिनी पोर्टल) शून्य दर्ज की गई. इस पर डीसी ने संबंधित प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया. कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी शिक्षकों का वेतन बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर भुगतान करने का निर्देश दिया. आने वाले दिनों में वे स्वयं विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे.
छात्रों के आधार कार्ड और अपार आईडी निर्माण, परीक्षा परिणाम में सुधार, ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर नियमित उपस्थिति दर्ज करने, शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्प्लिट सिलेबस अपडेट और विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई. डीसी ने सभी कार्य समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए. बैठक में डीडीसी असीम किस्पोट्टा, डीईओ चार्ल्स हेंब्रम, डीएसई विकेश कुणाल प्रजापति सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.



