Friday, October 30, 2026

जमानत रद्द होने के बाद अनंत सिंह का ऐलान, 1 दिसंबर तक करेंगे सरेंडर; नीरज कुमार पर लगाया साजिश का आरोप

Share

पटना | 30 अक्टूबर 2026

दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि वह 1 दिसंबर तक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर देंगे। उन्होंने न्यायपालिका के प्रति भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत का जो भी फैसला होगा, उन्हें स्वीकार होगा। साथ ही उन्होंने जदयू नेता नीरज कुमार पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है।

अनंत सिंह ने कहा कि वह अदालत का सम्मान करते हैं और कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि आगे उन्हें दोबारा जमानत मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।

नीरज कुमार पर लगाए आरोप

जमानत रद्द होने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि जब उनकी जमानत की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी, तब नीरज कुमार इस मामले को दिल्ली ले गए। उनके मुताबिक, उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी कुछ महीने बाद मिली।

अनंत सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरे मामले में पार्टी की कोई भूमिका नहीं थी और इसके पीछे नीरज कुमार थे। ये आरोप अनंत सिंह की ओर से लगाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने में जांच पूरी करने का दिया निर्देश

शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने बिहार पुलिस को दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी चार महीने बाद निर्धारित की गई है।

यह सुनवाई दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की याचिका पर हुई। याचिका में पटना हाईकोर्ट के 19 मार्च के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत अनंत सिंह को जमानत मिली थी।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि जमानत देते समय अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास और उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया।

जदयू ने अनंत सिंह और नीलम देवी को पार्टी से निकाला

इस मामले के बीच जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी की ओर से एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार का विरोध करने और दलविरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है।

इसके अलावा, दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत दोनों की विधानसभा सदस्यता को लेकर भी विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

फिलहाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बिहार पुलिस की जांच जारी है। अनंत सिंह के आत्मसमर्पण और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News