आजकल हर उम्र के लोगों में दिल की बीमारी तेजी से बढ़ रही है. 30 से 45 साल के युवाओं में इसके मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है, और महिलाओं को इसका सबसे ज्यादा खतरा है. महिलाओं में इस बढ़ते खतरे की वजह आधुनिक जीवनशैली, तनाव और हार्मोनल बदलावों का उनके दिल की सेहत पर पड़ने वाला असर है. पुरुषों के उलट, महिलाओं में दिल की बीमारी के लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं, कई बार तो महिलाओं को पता ही नहीं चलता कि उन्हें यह बीमारी है, और वे अक्सर इन लक्षणों को सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. इस रिपोर्ट में हम विस्तार से उन लक्षणों के बारे में जानेंगे जो महिलाओं में हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर से पहले दिखाई देते हैं, और यह भी जानेंगे कि ये लक्षण पुरुषों में दिखने वाले लक्षणों से किस तरह अलग होते हैं…
सबसे पहले जानिए हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर में क्या अंतर है?
वेबएमडी (WebMD) के मुताबिक हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक दोनों ही दिल की बीमारी के रूप हैं. इनके कुछ आम कारण हैं. लेकिन ये कुछ खास तरीकों से अलग भी हैं. ज्यादातर हार्ट अटैक अचानक तब होते हैं जब दिल तक जाने वाली आर्टरी में से कोई एक ब्लॉक हो जाती है और खून का बहाव रुक जाता है. ऑक्सीजन के बिना, दिल की मांसपेशियां मरने लगती हैं.

दूसरी ओर, हार्ट फेलियर आमतौर पर धीरे-धीरे होता है. दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे शरीर की कोशिकाओं को पोषण देने के लिए खून पंप करना मुश्किल हो जाता है. यह एक लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है जो धीरे-धीरे और गंभीर होती जाती है, हालांकि, दवाएं आपको ज्यादा समय तक और बेहतर ढंग से जीने में मदद कर सकती हैं.
हार्ट अटैक दिल की पंप करने की क्षमता को कमजोर करके हार्ट फेलियर का कारण बन सकता है. कभी-कभी, हार्ट अटैक के बाद अचानक हार्ट फेलियर होता है.आमतौर पर शुरुआत में लक्षण गंभीर होते हैं. इसे एक्यूट हार्ट फेलियर कहा जाता है. लेकिन आप इलाज और दवा से जल्दी ठीक हो सकते हैं.

महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण क्या है?
हार्ट अटैक तब होता है जब किसी व्यक्ति की धमनियां ब्लॉक हो जाती हैं. यह ब्लॉकेज धमनियों के अंदर प्लाक जमा होने के कारण होता है, जिससे दिल तक खून और ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है. खून के बहाव और ऑक्सीजन की कमी से दिल के टिश्यू को नुकसान पहुंचता है, जिसके परिणामस्वरूप हार्ट अटैक आता है. महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर बहुत हल्के होते हैं और आसानी से नजरअंदाज हो जाते हैं. पुरुषों के विपरीत, महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण इस प्रकार दिखाई देते हैं…
- छाती के बीच में बेचैनी भरा दबाव जकड़न, भारीपन या दर्द महसूस होना. यह कुछ मिनटों से ज्यादा समय तक रह सकता है या जा सकता है और फिर वापस आ सकता है.
- महिलाओं में इन जगहों पर दर्द या बेचैनी होना
- बांहें (एक या दोनों)
- पीठ
- गर्दन
- जबड़ा
- पेट
- सांस लेने में तकलीफ (छाती में बेचैनी के साथ या उसके बिना).
- अन्य लक्षण, जैसे कि
- ठंडा पसीना आना
- जी मिचलाना
- चक्कर आना
पुरुषों की तरह ही, महिलाओं में भी हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण छाती में दर्द या बेचैनी है. हालांकि, पुरुषों के उटल हार्ट अटैक के दौरान कुछ महिलाओं को पीठ के ऊपरी हिस्से में दबाव महसूस होता है, जैसे कि उन्हें कसकर दबाया जा रहा हो या उनके चारों ओर कोई रस्सी बांधी जा रही हो. महिलाओं में कुछ ऐसे लक्षण भी हो सकते हैं जो आमतौर पर हार्ट अटैक से कम जुड़े होते हैं, जैसे कि…

- घबराहट या बेचैनी
- सांस लेने में तकलीफ
- पेट खराब होना
- कंधे, पीठ या बांह में दर्द
- असामान्य थकान और कमजोरी
इस तरह रखें अपना ख्याल
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, दिल की बीमारी से ज्यादातर बचा जा सकता है. इसलिए ये जरूर करें…
- दिल की बीमारी का खतरा जानने के लिए टेस्ट कराएं
- स्मोकिंग छोड़ दें, छोड़ने के सिर्फ एक साल बाद कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा 50 फीसदी तक कम हो जाएगा
- हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मीडियम-इंटेंसिटी वाली एरोबिक एक्टिविटी (जैसे तेज चलना) या 75 मिनट हेवी एक्टिविटी (जैसे जॉगिंग), या दोनों को मिलाकर करने का लक्ष्य रखें. अपनी एक्टिविटी को पूरे हफ़्ते में फैलाने की कोशिश करें. हफ्ते में कम से कम दो बार रेसिस्टेंस या वेट ट्रेनिंग जैसी मीडियम से हाई-इंटेंसिटी वाली मसल्स को मजबूत करने वाली एक्टिविटी शामिल करना भी अच्छा है.
- अपनी डाइट में फल, सब्जियां, लीन प्रोटीन, साबुत अनाज, लो-फैट या फैट-फ्री डेयरी, नट्स और सीड्स शामिल करें. प्रोसेस्ड फूड, एक्स्ट्रा शुगर, सोडियम और अल्कोहल कम लें. ये हेल्दी कुकिंग टिप्स देखें. आप स्मार्ट रिप्लेसमेंट, हेल्दी स्नैकिंग आइडिया और बेहतर तैयारी के तरीके सीखेंगे.


