चाईबासा | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
पश्चिम सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखंड स्थित चिटीमिटी गांव में बालू परिवहन के नाम पर ट्रैक्टर चालकों से कथित तौर पर अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव से होकर बालू लेकर गुजरने वाले प्रत्येक ट्रैक्टर से ग्रामसभा के नाम पर 500 रुपये लिए जा रहे हैं। इस राशि के बदले बाकायदा रसीद भी दी जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि ग्रामसभा किस अधिकार या सरकारी आदेश के तहत बालू परिवहन करने वाले वाहनों से राशि वसूल रही है। तांतनगर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आशीष कुमार लकड़ा ने कहा है कि प्रशासन ने इस तरह की वसूली का कोई आदेश जारी नहीं किया है। उन्होंने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रत्येक ट्रैक्टर से 500 रुपये लेने का आरोप
जानकारी के अनुसार, चिटीमिटी गांव के सामने से प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालू लदे ट्रैक्टर गुजरते हैं। आरोप है कि इन वाहनों से ग्रामसभा के नाम पर 500-500 रुपये वसूले जा रहे हैं।
इस प्रक्रिया के तहत वाहन चालकों और मालिकों को रसीद भी दी जा रही है। रसीद पर वसूली की राशि के साथ वाहन मालिक और चालक का नाम, रसीद संख्या तथा बालू की मात्रा जैसी जानकारियां दर्ज रहती हैं।
रसीद पर 24 घंटे की वैधता का उल्लेख
सामने आई रसीद में राशि प्राप्त करने वाले व्यक्ति के रूप में दुर्गा चरण बिरुली का नाम अंकित बताया गया है। रसीद पर चालान की वैधता 24 घंटे लिखी होने की बात भी सामने आई है।
इससे वसूली की प्रक्रिया और उसके कानूनी आधार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह जानना जरूरी माना जा रहा है कि इस तरह की राशि वसूलने के लिए ग्रामसभा के पास कोई वैधानिक अनुमति या सक्षम प्राधिकार का आदेश है या नहीं।
पेसा नियमावली का हवाला देकर दिया गया था ज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, चिटीमिटी ग्रामसभा ने झारखंड पेसा नियमावली-2025 के अध्याय-12 में दिए गए उपयोग एवं नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का हवाला देते हुए तांतनगर के BDO और पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था।
हालांकि, किसी विषय पर प्रशासन को ज्ञापन देना और उसके आधार पर राशि वसूलने की अनुमति मिलना अलग-अलग बातें हैं। अब इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित प्रावधानों के तहत ग्रामसभा को ऐसी वसूली का कोई अधिकार प्राप्त है या नहीं।
BDO बोले- प्रशासन ने वसूली का आदेश नहीं दिया
मामले पर तांतनगर के BDO आशीष कुमार लकड़ा ने कहा कि चिटीमिटी ग्रामसभा की ओर से ट्रैक्टरों से 500 रुपये वसूले जाने की उन्हें पहले आधिकारिक जानकारी नहीं थी।
उन्होंने बताया कि ग्रामसभा की ओर से कार्यालय में आवेदन या ज्ञापन जरूर दिया गया था, लेकिन उसके आधार पर प्रशासन ने बालू परिवहन के नाम पर किसी तरह की राशि वसूलने का आदेश जारी नहीं किया है।
BDO के अनुसार, झारखंड सरकार या किसी अन्य सक्षम प्राधिकार की ओर से ग्रामसभा को इस तरह की वसूली की अनुमति दिए जाने की जानकारी भी उनके पास नहीं है।
जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई
BDO आशीष कुमार लकड़ा ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में यदि कोई व्यक्ति नियमों के विरुद्ध वसूली करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब प्रशासनिक जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि चिटीमिटी गांव में बालू परिवहन के नाम पर की जा रही कथित वसूली का आधार क्या है और इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं।
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