चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में प्रकृति पर्व करमा के अवसर पर रविवार को करम जाउआ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कुड़मी समाज की ओर से आयोजित इस यात्रा में चक्रधरपुर के अलावा आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए।
शोभायात्रा पोटका उलीडीह मोड़ से शुरू होकर आसनतालिया मैदान तक पहुंची। इस दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों और डीजे की धुन पर लोग नाचते-गाते हुए यात्रा में शामिल हुए। महिलाओं ने सिर पर करम जाउआ लेकर यात्रा में हिस्सा लिया।
पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए लोग
शोभायात्रा की खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक परिधान में पहुंचे। आयोजन में शामिल लोगों ने अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़े गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए।
चक्रधरपुर के पोटका उलीडीह मोड़ के आसपास अलग-अलग स्थानों से कुड़मी समाज के लोग एकत्र हुए। इसके बाद सामूहिक रूप से शोभायात्रा की शुरुआत की गई।
इन रास्तों से होकर गुजरी शोभायात्रा
करम जाउआ की शोभायात्रा एनएच-75 (ई) मार्ग से आगे बढ़ी। यात्रा का निर्धारित मार्ग पोटका उलीडीह से शुरू होकर पोटका चर्च, प्रेम निवास, इतवारी बाजार, एलआईसी बिल्डिंग, ओवरब्रिज, भगत सिंह चौक, चेकनाका, प्रखंड कार्यालय और मारवाड़ी स्कूल होते हुए आसनतालिया मैदान तक रहा।
यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों की मौजूदगी रही। आसनतालिया पहुंचने के बाद आयोजन से जुड़े कार्यक्रम किए गए।
करीब 50 गांवों से पहुंचे लोग
आयोजकों के अनुसार, चक्रधरपुर के साथ बंदगांव, सोनुवा और आसपास के करीब 50 गांवों से कुड़मी समाज के लोग कार्यक्रम में पहुंचे। इनमें महिलाओं और पुरुषों के साथ बच्चों ने भी हिस्सा लिया।
आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि अपनी भाषा, संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से हर वर्ष इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कुड़मी युवा समिति ने किया भंडारे का आयोजन
करम जाउआ बेड़हा में शामिल लोगों के लिए कुड़मी युवा समिति की ओर से भंडारे का भी आयोजन किया गया। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने आयोजन के दौरान सामूहिक रूप से पर्व और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव मनाया।
