Wednesday, July 1, 2026

घरेलू विमान ईंधन ₹5 प्रति लीटर सस्ता हुआ; सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर नए निर्यात शुल्क भी लागू किए.

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नई दिल्ली: सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में करीब 5 रुपये प्रति लीटर की बड़ी कटौती की है. नई दरें बुधवार से लागू हो गई हैं. पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट के बाद यह फैसला लिया गया है.

दिल्ली में अब 110 रुपये लीटर मिलेगा ईंधन
ताजा मूल्य अधिसूचना के अनुसार, इस कटौती के बाद देश की राजधानी दिल्ली में जेट ईंधन की कीमत घटकर लगभग 110 रुपये प्रति लीटर पर आ गई है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं दूर होने से भारतीय तेल कंपनियों को यह राहत आम जनता और विमानन क्षेत्र तक पहुंचाने में मदद मिली है.

विमान कंपनियों को मिलेगी बड़ी राहत
इस फैसले से घरेलू विमानन कंपनियों के परिचालन खर्च में काफी कमी आने की उम्मीद है. किसी भी एयरलाइन के लिए ईंधन का खर्च उसका सबसे बड़ा परिचालन खर्च होता है. हवाई जहाज उड़ाने की कुल लागत का लगभग 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ ईंधन पर खर्च होता है. हालांकि, इस कटौती का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि विभिन्न एयरलाइंस अपनी ईंधन खरीद और हेजिंग रणनीतियों को कैसे संभालती हैं.

प्राइस स्टेबलाइजेशन स्कीम और नई दरें
इससे पहले जून के महीने में, सरकार ने एयरलाइंस को वित्तीय संकट से बचाने और यात्रियों के लिए हवाई टिकटों को किफायती बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया था. सरकार ने नई मूल्य स्थिरीकरण योजना (प्राइस स्टेबलाइजेशन स्कीम) के तहत घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की मूल कीमत को तीन साल तक के लिए 86.32 रुपये प्रति लीटर पर तय कर दिया था.

इस स्वैच्छिक योजना में शामिल होने वाली एयरलाइंस को तय बुनियादी कीमत के साथ हवाई अड्डा शुल्क, तेल कंपनियों का मुनाफा और लागू टैक्स देना होता है. इस टैक्स और अतिरिक्त शुल्कों को जोड़ने के बाद दिल्ली में अंतिम बिक्री मूल्य लगभग 115 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 114.50 रुपये और चेन्नई में 139 रुपये प्रति लीटर बैठता है.

विंडफॉल टैक्स में भी हुआ बदलाव
ईंधन की कीमतों में कटौती के साथ ही केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क – SAED) में भी संशोधन किया है. नए नियमों के तहत पेट्रोल के निर्यात पर टैक्स बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. वहीं, डीजल के निर्यात पर इसे घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर घटाकर 7.5 रुपये प्रति लीटर किया गया है. सरकार ने घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया है.

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