Monday, April 20, 2026

गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे रही है।

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गर्मी में पानी की कमी और जंक फूड के सेवन से मूत्र संबंधी समस्याएं और किडनी स्टोन बढ़ रहे हैं। पटना के डॉ. गौरव मिश्रा ने बताया कि यूरिन की सांद्रता बढ़ने से पथरी बनती है, जिससे पेशाब में जलन, खून और दर्द होता है।

पटना। गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे रही है। खासकर धूप में काम करने वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है।

पानी की कमी के कारण यूरिन अत्यधिक एसिडिक हो जाता है, जिससे पेशाब की थैली की सुरक्षा परत प्रभावित होती है। इसका परिणाम पेशाब में जलन, खून आना और संक्रमण के रूप में सामने आता है।

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव मिश्रा ने दैनिक जागरण के ‘हेलो जागरण’ कार्यक्रम में बताया कि यूरिन की सांद्रता बढ़ने से किडनी में अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं।

पथरी पेशाब नली को पहुंचा सकती है नुकसान

इनमें कैल्शियम ऑक्सालेट की मात्रा सबसे अधिक होती है। यही किडनी स्टोन का कारण बनता है। उन्होंने बताया कि पथरी की बनावट नुकीली होती है, जो किडनी से लेकर पेशाब की नली तक को नुकसान पहुंचा सकती है।

इससे तेज पेट दर्द, बुखार और पेशाब में खून आने जैसी समस्याएं होती हैं। डॉ. मिश्रा के अनुसार, पानी की कमी के साथ-साथ प्रिजर्वेटिव युक्त जंकफूड, पैकेटबंद खाद्य पदार्थ और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन इन समस्याओं को और बढ़ा देता है।

वर्तमान में अस्पतालों में पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, खून आना, पेट व कमर दर्द और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

चौंकाने वाली बात यह है कि अब 5-6 वर्ष के बच्चों में भी किडनी स्टोन के मामले सामने आ रहे हैं, जबकि 42 से 50 वर्ष आयु वर्ग के मरीज सबसे अधिक प्रभावित हैं।

सवाल-जवाब में समझिए समस्या और समाधान

पेशाब में जलन, पेट-कमर में दर्द क्यों होता है?
यह समस्या शरीर में पानी की कमी, बैक्टीरियल इंफेक्शन या किडनी स्टोन के कारण हो सकती है। पर्याप्त पानी पिएं, मसालेदार भोजन और जंकफूड से परहेज करें। यदि 1-2 दिन में राहत नहीं मिले तो यूरिन कल्चर और अल्ट्रासाउंड जांच कराएं।

यूरिन करने में जोर लगाना पड़ता है?

यह समस्या पेशाब की नली में रुकावट या सर्जरी के दौरान कैथेटर गलत तरीके से लगाए जाने के कारण हो सकती है। अल्ट्रासाउंड और आवश्यकता पड़ने पर सिस्टोस्कोपी जांच करानी चाहिए। साथ ही कीगल एक्सरसाइज करने से लाभ मिल सकता है।

रात में बार-बार पेशाब आना?
उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट बढ़ने या ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने से ऐसा होता है। शाम के बाद पानी कम पिएं, चाय-कॉफी से बचें और हल्का भोजन करें। समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराएं।

पेशाब रोक नहीं पाते?
यह ब्लैडर की क्षमता कम होने के कारण हो सकता है। कीगल एक्सरसाइज करें, वजन नियंत्रित रखें और कैफीन का सेवन कम करें।

ऐसे पहचानें शरीर में पानी की कमी

  • बार-बार प्यास लगना
  • गहरा पीला और बदबूदार यूरिन
  • कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द
  • मुंह व गला सूखना
  • गंभीर स्थिति में पेशाब कम या बंद होना

बचाव के उपाय

  • दिन में 3–4 लीटर पानी पिएं
  • धूप में निकलते समय पानी साथ रखें
  • खीरा, तरबूज, नींबू जैसे पानीदार फल खाएं
  • जंकफूड और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचें
  • पेशाब रोककर न रखें
  • ज्यादा पसीना आने पर ORS का सेवन करें
  • बीपी और शुगर नियंत्रित रखें

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