मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 236.01 अंक यानी 0.30% बढ़कर 77,892.10 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 करीब 24,341.95 के स्तर पर खुला।
तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत
बाजार की शुरुआती तेजी में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को अहम वजह माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 2% से अधिक कमजोर होकर लगभग 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की संभावनाओं तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही सामान्य होने की खबरों से तेल बाजार को राहत मिली है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में कमी से देश के आयात बिल और तेल पर निर्भर कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद रहती है।
PSU बैंक और रियल एस्टेट शेयरों में खरीदारी
शुरुआती कारोबार में सरकारी बैंकों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1.4% ऊपर कारोबार करता नजर आया।
इसके अलावा रियल एस्टेट और निजी बैंकिंग से जुड़े शेयरों में भी मजबूती रही। दूसरी ओर मेटल, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के कुछ शेयर दबाव में रहे।
24,400 के स्तर पर रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल में नरमी ने सेंटीमेंट को जरूर बेहतर किया है, लेकिन बाजार में पूरी तरह मजबूत तेजी के संकेत अभी स्पष्ट नहीं हैं। कुछ प्रमुख शेयरों की तकनीकी स्थिति अब भी कमजोर बताई जा रही है।
विशेषज्ञों की नजर निफ्टी के 24,400 के स्तर पर है। इसके ऊपर टिकने पर इंडेक्स के 24,550 और 24,820 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 24,220 के आसपास सपोर्ट महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक बाजारों में अभी भी सतर्कता
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के करीब 4.64% तक आने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों को कुछ राहत मिली है। हालांकि निवेशक अभी बड़े जोखिम लेने से बच रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में दिग्गज टेक कंपनी Nvidia के तिमाही नतीजों का इंतजार भी निवेशकों के बीच बना हुआ है। इसके चलते एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत, तेल की कीमतें और बड़ी कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
