Sunday, July 12, 2026

औराई थानाध्यक्ष और आईओ पर पांच-पांच हजार का जुर्माना, इस मामले में हुई कार्रवाई

Share

मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में जांच रिपोर्ट में देरी होने पर पॉक्सो कोर्ट ने थानाध्यक्ष और जांच अधिकारी पर जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने स्पष्टीकरण का जवाब न देने पर नाराजगी जताई और जुर्माने की राशि पीड़िता मुआवजा फंड में जमा करने का आदेश दिया। मामला 2019 का है जिसमें पीड़िता की मां ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

मुजफ्फरपुर। औराई थाना इलाके की रहने वाली एक 14 वर्ष की नाैवीं की एक छात्रा से दुष्कर्म के प्रयास करने के मामले की पांच वर्षों से जांच रिपोर्ट कोर्ट में जमा नहीं कराया गया है।

रिपोर्ट लंबित रखने पर औराई थानाध्यक्ष राजा सिंह और केस के जांच अधिकारी पर विशेष कोर्ट पॉक्साे एक्ट-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।

कोर्ट की ओर से दाेनाें पुलिस पदाधिकारियाें से पूर्व में स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है। बावजूद स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया गया। दाेनों के द्वारा केस की जांच रिपाेर्ट भी नहीं सौंपी गई।

रिपोर्ट नहीं साैंपने पर अदालत ने दोनों को जुर्माना किया है। जुर्माने की राशि थानाध्यक्ष और जांच अधिकारी के वेतन से कटाैती की जाएगी। इस राशि को पीड़िताें काे मिलने वाली मुआवजा फंड में जमा किया जाएगा।

इसके लिए वरीय पुलिस अधीक्षक को सूचित किया गया है। मामले में विशेष कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 10 जून निर्धारित की है।

विदित हो कि 25 अगस्त 2019 को औराई के एक गांव में 14 वर्षीय नाैवीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। मामले में किशोरी की मां ने औराई थाने में प्राथमिकी कराई थी।

इसमें कहा था कि दुष्कर्म के प्रयास में विफल पर उन्होंने आरोपित गुड्डू सहनी काे पकड़ लिया था, लेकिन अमरजीत पासवान, दिपेश पासवान और अमित पासवान समेत आठ लाेग उसे छुड़ाकर ले गए थे। पूर्व में आराेपिताें ने पीड़िता के स्वजन पर हमला भी किया था। 

Read more

Local News