Monday, August 24, 2026

औद्योगिक सुरक्षा को लेकर जयंत सिन्हा ने उठाए सवाल, हादसों की जांच और कार्रवाई सार्वजनिक करने की मांग.

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रामगढ़: पूर्व सांसद जयंत सिन्हा ने रामगढ़ में लगातार सामने आ रहे औद्योगिक हादसों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने श्रमिकों की सुरक्षा, दुर्घटनाओं की जांच, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

जयंत सिन्हा का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियां और रोजगार क्षेत्र के लिए जरूरी हैं, लेकिन विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं होना चाहिए।

हेसला हादसे का भी किया उल्लेख

पूर्व सांसद ने 6 अप्रैल 2026 को हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में हुए भट्ठी हादसे का जिक्र किया। उनके अनुसार, घटना में नौ श्रमिक घायल हुए थे और इनमें से पांच की इलाज के दौरान मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए समिति गठित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जांच में क्या निष्कर्ष निकले, किसकी जिम्मेदारी तय हुई और उसके बाद क्या कार्रवाई की गई। साथ ही मृतकों के परिवारों और घायल श्रमिकों को मुआवजा, इलाज, पुनर्वास तथा अन्य वैधानिक सहायता की स्थिति भी सार्वजनिक करने की मांग की गई।

मुरपा-कुज्जू की घटना पर भी सवाल

जयंत सिन्हा ने 9 अगस्त 2026 को श्रीराम पावर एंड स्टील, मुरपा-कुज्जू में हुई दुर्घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हादसे में नौ कर्मचारी घायल हुए थे और गंभीर रूप से घायल एक श्रमिक ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जांच की प्रगति, उसके निष्कर्ष और अब तक की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने को कहा।

मृतकों और घायलों को वैधानिक लाभ देने की मांग

मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात, हेहल से जुड़ी हालिया दुर्घटना में तीन इंजीनियरों की मौत और एक कर्मचारी के घायल होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मुआवजे के अलावा जो भी वैधानिक लाभ मिलना है, उसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने घायल कर्मचारी के बेहतर उपचार और नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की भी बात कही। साथ ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का निर्धारण सक्षम जांच के आधार पर करने पर जोर दिया।

ठेका श्रमिकों के अधिकारों की जांच जरूरी

जयंत सिन्हा ने औद्योगिक इकाइयों में ठेका और संविदा श्रमिकों के अधिकारों की नियमित निगरानी की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को भी PF, ESI, बीमा और अन्य कानूनी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

उन्होंने फैक्ट्री सेफ्टी निरीक्षण व्यवस्था की समीक्षा का सुझाव देते हुए पूछा कि संबंधित प्रतिष्ठानों का अंतिम सुरक्षा निरीक्षण कब हुआ था, उसमें क्या कमियां मिली थीं और सुधार के लिए दिए गए निर्देशों का पालन हुआ या नहीं।

सुरक्षा मानकों पर नियमित निगरानी की जरूरत

पूर्व सांसद ने श्रमिकों को नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण देने, जरूरी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और मशीनरी व सुरक्षा प्रणालियों की समय-समय पर जांच कराने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसी गंभीर औद्योगिक दुर्घटना के बाद केवल घटना की जांच तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि हादसे की वजह क्या थी, जिम्मेदारी किसकी थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से सुधारात्मक कदम उठाए गए।

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