एसआईआर को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता अलर्ट मोड पर हैं, ताकि किसी भी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं कटे. एसआईआर के कारण देखा गया है कि कई राज्यों में लोगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार से वंचित किया गया है. यह बातें झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने पलामू में मीडिया से बातचीत के क्रम में कही हैं. इसी कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय प्रदेश महासचिव विनोद पांडेय ने भाग लिया और कार्यकर्ताओं को एसआईआर की प्रक्रियाओं की जानकारी दी.
- पलामू में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने कार्यकर्ताओं और बीएलए 2 को एसआईआर को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसी कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय प्रदेश महासचिव विनोद पांडेय ने भाग लिया और कार्यकर्ताओं को एसआईआर की प्रक्रियाओं की जानकारी दी.
- विनोद पांडेय ने कहा कि एसआईआर को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक-एक कार्यकर्ता अलर्ट मोड पर हैं. सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं को बताया गया है कि उनकी जिम्मेवारी क्या है, किस तरह से वे वोटर लिस्ट पर नजर रखेंगे और बीएलओ को वह किस तरह से मदद कर सकते हैं. कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि एक भी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं कटे.
- विनोद पांडेय ने कहा कि जो चुनौती सामने आने वाली है उसका सामना बूथ लेवल कार्यकर्ता करेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई है कि ट्रेनिंग के बाद परिणाम बेहतर नजर आएगा. इस दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह उर्फ गुड्डू सिन्हा, जिला सचिव शानू सिद्दकी, सन्नी शुक्ला, शार्दुल विनायक अभिषेक सिंह, देवानंद भारद्वाज आदि मौजूद थे.
- इधर, गढ़वा में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से एसआईआर को लेकर कार्यकर्ताओं और बीएलए 2 को प्रशिक्षण दिया गया.प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय समेत झामुमो के कई नेता शामिल हुए. प्रशिक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में विनोद पांडेय ने कहा कि हमने पूर्व में देखा है कि कैसे बिहार और पश्चिम बंगाल में मतदाताओं को संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया है. राशन कार्ड से नाम काटे गए और सरकारी योजनाओं से भी लोगों को हटाया गया है. ऐसी परिस्थिति में हम झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोग अपने कार्यकर्ताओं को जागरूक करने गढ़वा पहुंचे हैं.
- विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड में आज से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो रही है. मतदाताओं में भ्रम है. ऐसी स्थिति में हमने मतदाताओं की सभी आशंकाओं का समाधान करने का ठाना है. पार्टी के बीएलओ -2 और कार्यकर्ता देखेंगे की योग्य लाभुकों का नाम सूची से ना कटे और अयोग्य लोग ना जुटे.
- गढ़वा के टाउन हॉल में झारखंड मुक्ति मोर्चा का बूथ सम्मलेन सह बीएलओ -2 प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रशिक्षण प्रमुख सह केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय, पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर, जेएमएम विधायक अनंत प्रताप देव मुख्य रूप से उपस्थित हुए. इस दौरान सभी बीएलओ और कार्यकर्ताओं को रांची से आये प्रशिक्षकों के द्वारा बारीकी से एसआईआर में होने वाली परेशानी एवं उसके उपाए बताए गए.
- वहीं गढ़वा के सर्किट हाउस में कांग्रेस पार्टी की ओर से भी एसआईआर को लेकर बीएलए-2 और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया. जिसमें लोहरदगा के विधायक सह पलामू प्रमंडल प्रभारी डॉ. रामेश्वर उरांव शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान सभी प्रखंडों के बीएलओ -2 को प्रशिक्षण दिया गया. मौके पर डॉ. रामेश्वर उरांव ने सभी बीएलओ -2 से कहा की हमलोगों को एसआईआर भरने की प्रक्रिया को ठीक से समझना और समझाना है. फॉर्म भरते समय किसी को दिक्कत हो तो उसे बताना है कि कैसे फॉर्म भरा जाए. उन्होंने कहा कि एक भी योग्य मतदाता का नाम नहीं कटना चाहिए.
प्रशिक्षण के बाद मीडिया से बातचीत के क्रम में कांग्रेस नेता रामेश्वर उरांव ने कहा कि मुझे एसआईआर को लेकर पलामू प्रमंडल का प्रभारी बनाया गया है. इस क्रम में आज सभी बीएलओ के साथ सर्किट हाउस में बैठक हुई. सभी बीएलओ को एसआईआर पर नजर बनाकर रखने के लिए कहा गया है. यह बताया गया है कि कोई योग्य मतदाता छूटे नहीं और अयोग्य जुटे नहीं.
एक सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि हमलोग एसआईआर का विरोध नहीं करते हैं. हमलोग इसके काम करने के समय पर सवाल उठाते है, क्योंकि यहां चुनाव तो तीन साल बाद है तो ऐसा नहीं है कि हम यहां एसआईआर नहीं कराएंगे. हम बस इतना कहना चाहते हैं कि कोई भी काम करने के लिए समय मिले. पश्चिम बंगाल में क्या हुआ था. दो माह बाद चुनाव था और वहां एसआईआर करा रहे थे. इसे पहले होना चाहिए था, जैसे झारखंड में तीन वर्ष बाद चुनाव है यहां तो कोई विरोध नहीं है.



