उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 2003 से 2023 तक के महत्वपूर्ण परिपत्रों और नियमों के चार खंडों का लोकार्पण किया। यह संग्रह विभागीय कार्यप्रणाली में एकरूपता, पारदर्शिता और दक्षता लाएगा। इसमें भू-अभिलेख, भू-अर्जन, दाखिल-खारिज जैसे विभिन्न भूमि संबंधी विषयों के नियम शामिल हैं। पीएम किसान डेटा को आधार से लिंक कर फार्मर आईडी बनाने का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है।
पटना। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा से बुधवार को विभागीय परिपत्रों के संग्रह का लोकार्पण किया। इसमें वर्ष 2003 से 2023 तक जारी सभी महत्वपूर्ण विभागीय परिपत्रों एवं नियमों का संग्रह है। यह चार खंडों में है।
सिन्हा ने कहा कि इतने वर्षों के नियमों और परिपत्रों को एक स्थान पर संकलित करने से विभागीय कार्यप्रणाली में एकरूपता आएगी। निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनेगी। अधिकारियों को नियमसंगत तरीके से कार्य करने में सुविधा होगी।
इसके पहले भाग में भू-अभिलेख एवं परिमाप तथा चकबंदी से संबंधित संग्रह है। भाग-2 में भू-अर्जन तथा भाग-3 में खासमहाल, भू-हस्तान्तरण, भूमि बन्दोबस्ती, लोक भूमि अतिक्रमण, सैरात एवं फेरीघाट बन्दोबस्ती, राजस्व संग्रहण, भू-लगान, सेस, मेला प्राधिकार, वासभूमि बन्दोबस्ती, बेदखली (दखल देहानी), अभियान बसेरा, भू-हदबंदी (सिंलिंग), भूदान और काश्तकारी, बटाईदारी, कृषि भूमि सम्परिवर्तन से संबंधित संग्रह हैं।
भाग चार के विभिन्न अध्यायों में भूमि दाखिल-खारिज, जमाबंदी, भूमि दखल कब्जा प्रमाण पत्र आदि से जुड़े परिपत्र हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अभी राज्य में महत्वपूर्ण कार्य पीएम किसान के डेटा को आधार से लिंक कर रैयत की भूमि को टैग कर फार्मर आईडी बनाने का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।
विमोचन समारोह में प्रधान सचिव सीके अनिल, सचिव गोपाल मीणा, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, सचिव सह चकबंदी निदेशक राकेश कुमार, भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, अपर सचिव आजीव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर, सुधा रानी, सोनी कुमारी, अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक जूही कुमारी, गजेटियर सेक्शन के राज्य सह संपादक नरेश कुमार, आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


