कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों खाताधारकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है. यदि आपने हाल ही में पीएफ निकालने, ट्रांसफर करने या एडवांस के लिए क्लेम किया है, तो आपके बैंक खाते में पैसा आने में सामान्य से अधिक समय लग सकता है. ईपीएफओ ने अपने तकनीकी सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है, जिसके कारण ऑनलाइन सेवाएं फिलहाल धीमी गति से काम कर रही हैं.
क्यों हो रही है क्लेम सेटलमेंट में देरी?
ईपीएफओ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ (ट्विटर) के जरिए उपभोक्ताओं को इस संबंध में सूचित किया है. संगठन के मुताबिक, हाल ही में पीएफ पोर्टल के सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया गया है और बड़े पैमाने पर डेटाबेस माइग्रेशन का काम हुआ है. तकनीकी बदलाव के बाद का यह समय ‘ट्रांजिशन पीरियड’ कहलाता है, जिसके कारण सिस्टम की रफ्तार पर असर पड़ा है.
डेटा की सुरक्षा और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में सभी प्रकार के क्लेम और ऑनलाइन अनुरोधों की जांच अतिरिक्त वेरिफिकेशन और वैलिडेशन प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है. यही वजह है कि दावों के निपटारे को चरणबद्ध तरीके से प्रोसेस किया जा रहा है, जिसमें अगले दो हफ्तों तक का समय लग सकता है. हालांकि, संगठन का कहना है कि इस अपग्रेड के पूरा होने के बाद भविष्य में ईपीएफओ की सेवाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, तेज और यूजर-फ्रेंडली हो जाएंगी.
उमंग ऐप पर भी सेवाएं प्रभावित
इस बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट का सीधा असर उमंग ऐप पर भी पड़ा है. तकनीकी काम चलने के कारण उमंग ऐप पर मिलने वाली ईपीएफओ की तमाम सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. जब तक डेटा माइग्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक पीएफ मेंबर्स उमंग ऐप के जरिए पासबुक देखने या क्लेम करने जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा सकेंगे.
ईपीएफओ की खाताधारकों को सख्त सलाह
इस तकनीकी बदलाव के दौरान ईपीएफओ ने अपने सदस्यों से पैनिक न होने की अपील की है और कुछ जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है:
- नया क्लेम न करें: यदि आपका पुराना क्लेम पहले से ही पोर्टल पर ‘पेंडिंग’ (लंबित) दिख रहा है, तो घबराकर दोबारा नया आवेदन सबमिट न करें.
- बार-बार लॉगिन से बचें: व्यस्त समय के दौरान पोर्टल पर बार-बार लॉगिन करने की कोशिश न करें. ऐसा करने से सर्वर पर अतिरिक्त दबाव बनता है और सिस्टम और अधिक धीमा हो जाता है.
- पैसे पूरी तरह सुरक्षित: विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तकनीकी खराबी या देरी से आपके फंड पर कोई असर नहीं पड़ेगा. खाताधारकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है.


