मारवाड़ी दाल ढोकली एक पारंपरिक व्यंजन है, जो दाल और मसालेदार आटे की ढोकली से बनता है। जानें इसकी आसान और स्वादिष्ट रेसिपी
मारवाड़ी व्यंजन अपनी विविधता और देसी स्वाद के लिए मशहूर हैं. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में से एक है मारवाड़ी दाल ढोकली, जिसे खास मौकों पर या सर्दियों में अक्सर बनाया जाता है. यह व्यंजन पोषण से भरपूर होता है और इसमें मसालेदार दाल के साथ आटे की बनी ढोकलियां होती हैं जो स्वाद में लाजवाब होती हैं. जानें इसकी पारंपरिक रेसिपी जिसे फॉलो करके आप भी अपने घर पर बना सकते हैं असली मारवाड़ी दाल ढोकली.
पारंपरिक दाल ढोकली कैसे बनाएं?
सामग्री- दाल के लिए
- तूअर दाल – 1 कप
- पानी – 3 कप
- हल्दी – ½ छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- हरी मिर्च – 2 बारीक कटी
- अदरक – 1 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
- टमाटर – 1 बारीक कटा
- घी – 2 बड़े चम्मच
- राई – ½ छोटा चम्मच
- जीरा – ½ छोटा चम्मच
- हींग – चुटकी भर
- करी पत्ता – 5-6 पत्ते
- धनिया पत्ता – सजावट के लिए
- नींबू रस – 1 छोटा चम्मच
ढोकली के लिए
- गेहूं का आटा – 1 कप
- बेसन – 2 बड़े चम्मच
- हल्दी – ¼ छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- अजवाइन – ¼ छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- तेल – 1 बड़ा चम्मच
- पानी – आटा गूंथने के लिए
दाल ढोकली बनाने का आसान तरीका
1. सबसे पहले तूअर दाल को धोकर 15-20 मिनट के लिए पानी में भिगो दें. फिर इसे कुकर में हल्दी और पानी के साथ 3-4 सीटी तक पकाएं. दाल को अच्छे से मिक्स कर लें ताकि वह गाढ़ी हो जाए.
2. आटे में बेसन, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन, नमक और तेल डालकर सख्त आटा गूंथ लें. इसे 10 मिनट के लिए ढककर रख दें. फिर इसे बेलकर पतली रोटियां बनाएं और छोटे-छोटे हीरे या चौकोर टुकड़ों में काट लें.
3. एक पैन में घी गर्म करें, उसमें राई, जीरा, हींग, करी पत्ता डालें. फिर अदरक, हरी मिर्च और टमाटर डालें और भूनें. इस तड़के को दाल में डालें और नमक मिलाएं.
4. दाल को धीमी आंच पर उबालें और उसमें एक-एक कर ढोकली के टुकड़े डालते जाएं ताकि वे चिपकें नहीं. इसे 10-15 मिनट तक पकाएं जब तक ढोकलियां पूरी तरह से पक न जाएं.
5. ऊपर से हरा धनिया और नींबू रस डालें. इसे गरमा-गरम सर्व करें. आप इसे घी या मिर्च के अचार के साथ भी खा सकते हैं.
मारवाड़ी दाल ढोकली सिर्फ एक व्यंजन नहीं बल्कि राजस्थान की परंपरा और स्वाद का प्रतीक है. यह रेसिपी न केवल स्वाद में भरपूर है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. तो अगली बार कुछ देसी और स्पेशल बनाना हो, तो इस पारंपरिक दाल ढोकली को जरूर ट्राय करें.


