मुंबई: प्रवासी भारतीयों (NRIs) को आकर्षित करने और देश में विदेशी मुद्रा के प्रवाह को मजबूत करने के लिए भारत के शीर्ष बैंकों ने एक बड़ा कदम उठाया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नियमों में ढील दिए जाने के बाद, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और यस बैंक जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट यानी FCNR(B) जमा पर अपनी ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की है. अब एनआरआई को अमेरिकी डॉलर जमा पर अधिकतम 6.6 प्रतिशत तक का शानदार रिटर्न मिल रहा है.
यह बढ़ोतरी पहले की तुलना में लगभग दोगुनी है, क्योंकि इससे पहले लंबी अवधि के अमेरिकी डॉलर जमा पर ब्याज दरें महज 3.35 प्रतिशत के आसपास थीं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल बैंकों को अधिक विदेशी पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी, बल्कि भारतीय रुपये को भी वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी.
एसबीआई की ‘एडवांटेज डिपॉजिट योजना’
देश के सबसे बड़े ऋणदाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपनी विशेष ‘FCNR(B) एडवांटेज डिपॉजिट स्कीम’ शुरू की है. इसके तहत $1 मिलियन तक की जमा राशि पर अलग-अलग अवधियों के लिए आकर्षक दरें तय की गई हैं:
- 3 से 4 वर्ष से कम की अवधि: 5.25 प्रतिशत ब्याज.
- 4 से 5 वर्ष से कम की अवधि: 5.50 प्रतिशत ब्याज.
- 5 वर्ष की अवधि: 5.75 प्रतिशत ब्याज.
यदि कोई एनआरआई $1 मिलियन से अधिक की राशि जमा करता है, तो उसे 5 वर्ष की अवधि के लिए पूरा 6 प्रतिशत ब्याज मिलेगा. हालांकि, एसबीआई के नियमों के मुताबिक, पहले वर्ष के दौरान समय से पहले पैसा निकालने की अनुमति नहीं होगी. यदि कोई एक वर्ष के बाद और तीन वर्ष से पहले पैसा निकालता है, तो उसे केवल 3.50 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा.
बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य मुद्राएं
बैंक ऑफ बड़ौदा ने न केवल अमेरिकी डॉलर, बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भी अपनी दरों में संशोधन किया है. अब बैंक में जमा करने पर
- अमेरिकी डॉलर: अधिकतम 6 प्रतिशत ब्याज.
- कनाडाई डॉलर: 5.15 प्रतिशत ब्याज.
- ब्रिटिश पाउंड और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर: 4.75 प्रतिशत ब्याज.
- यूरो: 3.75 प्रतिशत ब्याज.
बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्यकारी निदेशक बीना वाहीद ने कहा कि आरबीआई के इस कदम से एनआरआई समुदाय के लिए वित्तीय योजनाएं और मजबूत हुई हैं, जिससे सीधे तौर पर भारतीय रुपये को सहारा मिलेगा.
यस बैंक दे रहा है सबसे ज्यादा रिटर्नइस रेस में यस बैंक सबसे आगे निकल गया है, जिसने अमेरिकी डॉलर जमा पर सबसे ज्यादा 6.60 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की घोषणा की है. इसकी नई संरचना के अनुसार, 3 से 4 वर्ष की अवधि पर 6.50 प्रतिशत, 4 से 5 वर्ष पर 6.55 प्रतिशत और पूरे 5 वर्ष की जमा पर 6.60 प्रतिशत का सर्वाधिक लाभ दिया जा रहा है.


