धनबाद: स्टार्टअप और नवाचार को नई गति देने के लिए आईआईटी आईएसएम और IKN Innovation Foundation के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. इस MOU का उद्देश्य पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में उभरते उद्यमियों और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को तकनीकी और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर मजबूत सहयोग उपलब्ध कराना है.
आईआईटी आईएसएम धनबाद के सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीआईआईई) ने आईकेएन इनोवेशन फाउंडेशन के साथ को-इनक्यूबेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं. इस पहल के माध्यम से स्टार्टअप्स को शोध, तकनीकी मार्गदर्शन, उद्योग संपर्क, बाजार तक पहुंच और निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे.
सीआईआईई, आईआईटी आईएसएम धनबाद का विशेष इनोवेशन और बिजनेस इनक्यूबेशन केंद्र है. जो छात्रों, शोधकर्ताओं और युवा उद्यमियों को उनके विचारों को व्यावसायिक रूप देने में मदद करता है. यहां स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं.
जानें IKN Innovation Foundation को
दूसरी ओर, आईकेएन इनोवेशन फाउंडेशन, International Management Institute Kolkata के तहत संचालित एक सेक्शन-8 कंपनी है. जो स्टार्टअप्स, एमएसएमई और स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता विकास के लिए सहयोग प्रदान करती है.
क्या फायदे होंगे
समझौते के तहत आईकेएन से जुड़े स्टार्टअप्स को आईआईटी आईएसएम धनबाद की तकनीकी विशेषज्ञता, शोध परामर्श और लैब परीक्षण सुविधाओं का लाभ मिलेगा. वहीं सीआईआईई से जुड़े स्टार्टअप्स को बिजनेस रणनीति, उद्योग नेटवर्किंग, बाजार विस्तार और फंडिंग से जुड़ी सहायता दी जाएगी.
डीन से दी जानकारी
डीन (इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप) प्रो. आलोक कुमार दास ने कहा कि यह साझेदारी क्षेत्रीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल है. उन्होंने कहा कि तकनीकी और प्रबंधन विशेषज्ञता के इस संगम से नवाचार आधारित उद्यमों को नई ऊर्जा मिलेगी और उनके विचारों को सफल व्यवसाय में बदलने में सहायता मिलेगी.


