नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए नियमों में संभावित बदलाव से जुड़ी अहम खबर है। केंद्र सरकार लर्नर लाइसेंस के ऑनलाइन टेस्ट में पास होने के लिए न्यूनतम अंक बढ़ाने और कुछ ऑनलाइन सेवाओं को मुफ्त करने का प्रस्ताव लेकर आई है।
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, लर्नर लाइसेंस टेस्ट में पासिंग मार्क्स को मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल की अवधि और उसे पूरा करने की समयसीमा में भी बदलाव का प्रस्ताव है। हालांकि, इन प्रस्तावों को लागू नियम मानने से पहले आधिकारिक अधिसूचना की पुष्टि जरूरी है।
लर्नर लाइसेंस टेस्ट में 60% की जगह 75% अंक का प्रस्ताव
रिपोर्ट के अनुसार, अभी लर्नर लाइसेंस से जुड़े सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल टेस्ट में पास होने के लिए कम से कम 60 प्रतिशत सही उत्तर देने होते हैं। प्रस्तावित बदलाव के तहत यह सीमा बढ़ाकर 75 प्रतिशत की जा सकती है।
इसका उद्देश्य आवेदकों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा की बेहतर जानकारी देना बताया गया है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आवेदकों को परीक्षा की तैयारी अधिक गंभीरता से करनी पड़ सकती है।
सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल की अवधि भी बढ़ सकती है
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में सड़क सुरक्षा की जानकारी को अधिक महत्व देने के लिए ट्यूटोरियल से जुड़े नियमों में भी बदलाव प्रस्तावित हैं।
रिपोर्ट में बताए गए प्रस्ताव के अनुसार:
- ट्यूटोरियल की न्यूनतम अवधि: 30 मिनट
- कोर्स पूरा करने की समयसीमा: 7 दिन से बढ़ाकर 15 दिन
- प्रमुख विषय: ट्रैफिक साइन, सड़क पर चलने के नियम, दुर्घटना के समय चालक की जिम्मेदारी और जरूरी दस्तावेज
इन बदलावों का उद्देश्य आवेदकों को वाहन चलाने से पहले बुनियादी नियमों की जानकारी देना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
ड्राइविंग लाइसेंस में पता और मोबाइल नंबर बदलना हो सकता है मुफ्त
प्रस्तावित बदलावों में लाइसेंस धारकों के लिए राहत की बात भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, आधार कार्ड के जरिए ऑनलाइन आवेदन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस में कुछ जानकारियां अपडेट कराने की फीस समाप्त करने का प्रस्ताव है।
इन सेवाओं में शामिल हो सकते हैं:
- घर का पता अपडेट करना
- मोबाइल नंबर बदलना
- ईमेल आईडी अपडेट करना
हालांकि, इन सेवाओं को मुफ्त करने की शर्तें और लागू होने की तारीख आधिकारिक नियमों से स्पष्ट होंगी। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित परिवहन विभाग या आधिकारिक पोर्टल पर फीस की जानकारी जांच लेना उचित होगा।
पहचान और पते के प्रमाण के लिए इन दस्तावेजों का प्रस्ताव
रिपोर्ट में ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए विभिन्न दस्तावेजों को स्वीकार करने का भी उल्लेख है।
प्रस्तावित सूची में ये दस्तावेज शामिल बताए गए हैं:
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट
- वोटर आईडी कार्ड
- जन्म प्रमाणपत्र
- स्कूल या कॉलेज के प्रमाणपत्र
- तीन महीने से अधिक पुराना न होने वाला बिजली या एलपीजी गैस का बिल, पते के प्रमाण के रूप में
इन दस्तावेजों की स्वीकार्यता संबंधित सेवा, आवेदन की श्रेणी और अंतिम नियमों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए सभी दस्तावेजों को हर तरह के आवेदन में स्वतः मान्य मानना सही नहीं होगा।
क्या अभी से लागू हो गए हैं नए नियम?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। रिपोर्ट में बताए गए बदलाव प्रस्ताव के रूप में पेश किए गए हैं। जब तक केंद्र सरकार की संबंधित अधिसूचना या परिवहन विभाग की आधिकारिक सूचना से इनकी पुष्टि नहीं होती, तब तक इन्हें लागू नियम मानकर नहीं चलना चाहिए।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले लोगों को सलाह है कि वे अपने राज्य के परिवहन विभाग या सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक माध्यमों से नवीनतम जानकारी प्राप्त करें।
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