उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए डाक विभाग ने ‘क्लिक एन बुक’ नामक एक नई डिजिटल सेवा की शुरुआत की है. जिसके बाद ग्राहकों को अब पार्सल या अन्य डाक आर्टिकल की बुकिंग के लिए पोस्ट ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए डाक विभाग की तरफ से डिजिटल इंडिया की दिशा में एक विशेष पहल की गई है. ग्राहकों को अब पार्सल या अन्य डाक आर्टिकल की बुकिंग के लिए पोस्ट ऑफिस जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. डाक विभाग ने ‘क्लिक एन बुक’ नामक एक नई डिजिटल सेवा की शुरुआत की है.
भुगतान के लिए क्यूआर कोड स्कैन की सुविधा
इसके जरिये उपभोक्ता अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे ही डाक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. इस सेवा के माध्यम से ग्राहक सेल्फ सर्विस पोर्टल पर जाकर लॉगिन या गेस्ट लॉगिन के विकल्प से बुकिंग कर सकते हैं. ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद पिकअप एड्रेस और आवश्यक जानकारी भरनी होती है. इसके बाद ग्राहक भुगतान कर बुकिंग पूरी कर सकते हैं. भुगतान के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा दी गई है.
आधुनिक अनुभव प्रदान करेगी यह सेवा
बुकिंग के बाद संबंधित डाककर्मी या पिकअप एजेंट घर से आर्टिकल कलेक्ट करते हैं. एजेंट अपने मोबाइल एप डीएसएस के माध्यम से लंबित आर्टिकल की सूची देखता है और सही पिकअप होने के बाद रिकॉर्डको सिस्टम में अपडेट करता है. इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और कुशल बन गई है. विभाग ने सभी बुकिंग और पिकअप गतिविधियों की निगरानी के लिए मॉनीटरिंग डैशबोर्ड तैयार किया है. इससे अधिकारी रियल टाइम नजर रख सकते हैं.
डाक विभाग का महत्वपूर्ण कदम
अगर वजन या टैरिफ में कोई अंतर पाया जाता है, तो ग्राहक से अतिरिक्त राशि कैश या एसएमएस लिंक के माध्यम से ली जाती है. इस संबंध में निदेशक पवन कुमार का कहना है कि यह सेवा उपभोक्ताओं को तेज और आधुनिक डाक अनुभव प्रदान करेगी व कर्मचारियों के कामकाज को भी अधिक कुशल बनायेगी. ‘क्लिक एन बुक’ सेवा को डिजिटल भारत की दिशा में डाक विभाग का एक अहम कदम माना जा रहा है.


