नई दिल्ली: देश में खुदरा महंगाई दर में अगस्त के दौरान हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में रिटेल इन्फ्लेशन बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गया।
महंगाई में यह इजाफा मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं और कीमती धातुओं से बने आभूषणों के दाम बढ़ने के कारण हुआ। हालांकि, खुदरा महंगाई अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक के 2 से 6 प्रतिशत के सहनशीलता दायरे के भीतर बनी हुई है।
खाद्य महंगाई दर भी बढ़ी
अगस्त में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 5.95 प्रतिशत हो गई। रसोई के बजट पर सबसे अधिक असर कुछ सब्जियों और मसालों की कीमतों में तेजी का पड़ा।
आंकड़ों के अनुसार:
- अदरक के दाम में 73.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- प्याज की कीमत 48.27 प्रतिशत बढ़ी।
- लहसुन के दाम में 43.60 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।
इन वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से घरेलू खर्च पर दबाव बढ़ा।
सोने और चांदी के आभूषण सबसे ज्यादा महंगे
अगस्त में कीमती धातुओं से बने आभूषणों की कीमतों में भी बड़ी तेजी देखी गई। सालाना आधार पर चांदी के आभूषण 107.11 प्रतिशत महंगे हुए, जबकि सोने के गहनों की कीमत में 35.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कीमती धातुओं के दाम में उछाल का असर आभूषणों की खुदरा कीमतों पर पड़ा, जिससे खरीदारी करने वाले ग्राहकों का बजट प्रभावित हुआ।
टमाटर और आलू के दाम में राहत
जहां कई खाद्य वस्तुएं महंगी हुईं, वहीं कुछ जरूरी सामानों की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई। अगस्त में टमाटर के दाम सालाना आधार पर 31.09 प्रतिशत घटे। इसी तरह आलू की कीमत में 13.14 प्रतिशत की कमी आई।
इसके अलावा कारों की कीमतों में भी 6.72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
RBI की सीमा के भीतर महंगाई
खुदरा महंगाई में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद दर अभी RBI के निर्धारित 2-6 प्रतिशत के सहनशीलता दायरे में है। आने वाले समय में खाद्य वस्तुओं की कीमतें, ईंधन और वैश्विक बाजार के रुझान महंगाई की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
