पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने तात्कालिक चेतावनी जारी करते हुए बिहार के 6 जिलों में अगले 3 घंटे के दौरान तेज बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों के लोगों को अगले 3 घंटे के दौरान सावधान रहने को कहा गया है.
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने भोजपुर, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, लखीस्राय, जमुई जिले के कुछ भागों में अगले दो से तीन घंटे में मेघ गर्जन, वज्रपात, हवा (हवा की गति 30-40 किमी प्रति घंटे तक) के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है.
पूरे रंग में मानसून
बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर बड़ी तबाही के रूप में सामने आ रहा है. उत्तरी बिहार के मुजफ्फरपुर और पूर्णिया के ऊपर से मॉनसून की रेखा गुजर रही है, जिससे पूरे राज्य में आफत बनकर बारिश टूट पड़ी है. शनिवार को पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली समेत कई जिलों में रेड अलर्ट के बीच मूसलधार बारिश हुई. राजधानी के पटना और पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन तक दो से तीन फीट पानी में डूब गए.
जमुई में पुल धंसने से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया तो लखीसराय में सड़क बह गई. कई अन्य जिलों से भी भारी नुकसान की खबरें हैं. रविवार सुबह से ही कई क्षेत्रों में तेज बारिश जारी है, जिससे हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं. मौसम विभाग ने 20 जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है.
इन जिलों में बारिश का कहर
सोमवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीवान और सुपौल में भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और खगड़िया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. बाकी जिलों में भी मूसलधार बारिश के आसार हैं.
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
आईएमडी के मुताबिक अगले तीन दिनों तक उत्तर बिहार में मौसम का रौद्र रूप बना रहेगा. सुपौल, मधुबनी, दरभंगा में अत्यधिक भारी वर्षा, जबकि किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर और समस्तीपुर में भारी बारिश की संभावना है. इससे उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर में तेज़ी से वृद्धि हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं.


