Tuesday, July 28, 2026

अगले वित्त वर्ष में 10.2% तक बढ़ सकती है सैलरी, इन सेक्टरों के कर्मचारियों को मिल सकता है सबसे ज्यादा फायदा.

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नई दिल्ली: नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत भरी खबर है। एक नई रोजगार एवं वेतन सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में देश के विभिन्न उद्योगों में कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 8.6% से 10.2% तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि तकनीक आधारित और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में वेतन वृद्धि सबसे अधिक रहने का अनुमान है।

इन सेक्टरों में मिल सकती है सबसे ज्यादा सैलरी बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, जिन उद्योगों में विकास की गति तेज है, वहां कर्मचारियों को बेहतर वेतन वृद्धि मिलने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर
  • फिनटेक
  • हेल्थकेयर एवं फार्मास्युटिकल्स
  • पावर और एनर्जी

इन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की सैलरी में 9.6% से 10.2% तक वृद्धि का अनुमान जताया गया है।

तकनीकी पदों पर बेहतर इंक्रीमेंट की संभावना

कुछ विशेष तकनीकी भूमिकाओं में औसत से अधिक वेतन वृद्धि देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक—

  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियर: लगभग 11.2% तक वेतन वृद्धि
  • क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर: करीब 10.9% तक इंक्रीमेंट

आईटी सेक्टर में ये शहर आगे

आईटी उद्योग में वेतन वृद्धि के मामले में कुछ शहर अन्य प्रमुख केंद्रों से आगे निकलते दिख रहे हैं। अनुमान के अनुसार—

  • हैदराबाद: 11.7%
  • चेन्नई: 11.5%
  • पुणे: 11.3%

इसके अलावा अहमदाबाद भी बेहतर वेतन वृद्धि वाले शहरों में शामिल है।

अन्य उद्योगों में कितना बढ़ सकता है वेतन

स्थिर विकास वाले क्षेत्रों में भी कर्मचारियों को अच्छी वेतन वृद्धि मिलने की संभावना है। इनमें शामिल हैं—

  • ऑटोमोबाइल
  • रिटेल
  • बीमा
  • बीपीओ
  • एफएमसीजी
  • लॉजिस्टिक्स
  • ई-कॉमर्स

इन सेक्टरों में अनुमानित वेतन वृद्धि 8.9% से 9.5% के बीच रह सकती है।

वहीं बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट, टेलीकॉम और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में सैलरी बढ़ोतरी 8.6% से 8.8% के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, इन उद्योगों में भी कुछ विशेष पदों जैसे साइट इंजीनियर और टेलीकॉलर को औसत से अधिक इंक्रीमेंट मिल सकता है।

स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में अंतर

रिपोर्ट में स्थायी (Permanent) और अस्थायी (Temporary) कर्मचारियों के वेतन अंतर का भी उल्लेख किया गया है। ट्रैवल एवं हॉस्पिटैलिटी तथा फिनटेक सेक्टर में दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन में अपेक्षाकृत कम अंतर पाया गया है। दूसरी ओर, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में यह अंतर सबसे अधिक दर्ज किया गया।

क्या संकेत देती है रिपोर्ट?

रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि भारत में कौशल आधारित और उभरते उद्योगों में रोजगार के अवसरों के साथ-साथ वेतन वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत बनी हुई हैं। विशेष रूप से तकनीकी दक्षता रखने वाले पेशेवरों के लिए आने वाला वित्त वर्ष बेहतर करियर और आय वृद्धि के अवसर लेकर आ सकता है।

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