Saturday, October 17, 2026

हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का दशकर्म नेमरा में, संस्कार भोज में एक लाख लोगों के जुटने का अनुमान.

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रामगढ़: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत मां रूपी सोरेन के दशकर्म की रस्में शनिवार, 17 अक्टूबर को उनके पैतृक गांव नेमरा में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराई जा रही हैं। इसके बाद रविवार, 18 अक्टूबर को संस्कार भोज का आयोजन होगा। कार्यक्रम में झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से एक लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान जताया गया है।

बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए गांव में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन की ओर से अतिथियों के आगमन, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आदिवासी परंपराओं के अनुसार संपन्न होंगी रस्में

रूपी सोरेन के दशकर्म की रस्में आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार पूरी की जा रही हैं। इसके लिए कुडूम हड़ाम छोटू बेसरा, नायके हड़ाम चेतन टुडू, प्राणिक हड़ाम बिजू सोरेन और काशीनाथ बेसरा की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, दशकर्म की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार के सदस्यों का छुतका समाप्त होगा। इसके बाद रविवार को संस्कार भोज आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

सुरक्षा के लिए 14 आईपीएस और 42 डीएसपी की तैनाती

कार्यक्रम में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नेमरा से रामगढ़ तक विशेष इंतजाम किए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में 14 आईपीएस और 42 डीएसपी स्तर के अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात सुचारू रखने और विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों की सुविधा के लिए तीन हेलीपैड भी तैयार किए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

एक साल के भीतर माता-पिता दोनों को खोने का दुख

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार के लिए यह समय गहरे शोक का है। उनकी मां रूपी सोरेन का निधन 7 अक्टूबर 2026 को एक निजी अस्पताल में हुआ था। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं।

शिबू सोरेन का निधन वर्ष 2025 में दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ था। इस तरह लगभग एक साल के अंतराल में मुख्यमंत्री ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है।

नेमरा में दशकर्म और संस्कार भोज के आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। लोग इस अवसर पर सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर सकते हैं।

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