नई दिल्ली: देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ क्रमिक आधार (सीक्वेंशियल) पर 30 प्रतिशत घटकर 2,118 करोड़ रुपये रह गया. यह लाभ निरंतर परिचालन से प्राप्त हुआ है.
हालांकि सालाना आधार (Year-on-Year) पर कंपनी का मुनाफा 121 प्रतिशत बढ़कर 6,603 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि लाभ में यह बड़ी बढ़ोतरी मुख्य रूप से आइसक्रीम कारोबार के डीमर्जर से जुड़े एकमुश्त सकारात्मक प्रभाव के कारण हुई है.
कोर मुनाफा लगभग स्थिर
कंपनी के अनुसार, यदि असाधारण मदों को अलग कर दिया जाए तो प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 2,562 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में केवल 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. इससे संकेत मिलता है कि कंपनी की मूल लाभप्रदता में खास बढ़ोतरी नहीं हुई है.
मार्जिन पर दबाव, EBITDA में मामूली बढ़त
तिमाही के दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए (EBITDA) 3 प्रतिशत बढ़कर 3,788 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, EBITDA मार्जिन 24 प्रतिशत से घटकर 23.3 प्रतिशत रह गया, यानी इसमें 70 बेसिस प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई. यह दर्शाता है कि लागत दबाव और प्रतिस्पर्धा के कारण मार्जिन पर असर पड़ा है.
कुल कारोबार में 6% वृद्धि
कंपनी का कुल टर्नओवर 6 प्रतिशत बढ़कर 16,235 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 15,353 करोड़ रुपये था. इससे संकेत मिलता है कि बिक्री में सुधार हुआ है, लेकिन मुनाफे पर लागत और अन्य कारकों का प्रभाव बना रहा.
इस तिमाही में कंपनी को 576 करोड़ रुपये का असाधारण घाटा भी हुआ, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 538 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ दर्ज किया गया था.
सीईओ का बयान और आगे का अनुमान
कंपनी की सीईओ और प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा कि एचयूएल ने अपने ब्रांड्स की मजबूती, नए मांग क्षेत्रों में विस्तार और क्विक कॉमर्स जैसे भविष्य के चैनलों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है. उन्होंने कहा कि कंपनी दीर्घकालिक विकास और शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन को लेकर प्रतिबद्ध है.
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण जताया है. प्रबंधन का मानना है कि आर्थिक स्थिरता और अनुकूल नीतिगत माहौल से खपत में सुधार होगा और अगला वित्त वर्ष मौजूदा वर्ष से बेहतर रह सकता है.
अधिग्रहण और विनिवेश की घोषणा
एचयूएल ने जाइविए वेंचर्स (ओजिवा) में शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी 824 करोड़ रुपये में खरीदने और न्यूट्रिशनलैब में अपनी 19.8 प्रतिशत हिस्सेदारी 307 करोड़ रुपये में बेचने की भी घोषणा की है. इससे कंपनी अपने पोर्टफोलियो को मजबूत और संतुलित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.


