जब समस्या का निराकरण न हो और सरकारी सिस्टम से भी इंसान हार जाए तो क्या उपाय है. जानें, हजारीबाग के प्रभा देवी की कहानी.
हजारीबागः जिला में एक महिला अपनी छह डिसमिल जमीन को बचाने के लिए उपायुक्त कार्यालय के सामने आत्मदाह करने का प्रयास किया. हालांकि पुलिस वालों की सतर्कता और तत्परता के कारण महिला के प्रयास को विफल कर दिया गया.
महिला ने कहा कि पिछले कई महीनो से अपनी फरियाद लेकर अंचल कार्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक पहुंच रहे हैं. उनकी नहीं सुनी जा रही है. गांव के दबंग जमीन पर अवैध कब्जा कर रहे हैं. उनकी फरियाद नहीं सुनने के कारण वह काफी परेशान है. इस कारण आत्मदाह करने के लिए विवश हो गई है.
हजारीबाग समाहरणालय परिसर में मंगलवार को उस वक्त अफरातफरी मच गयी. जिस समय बरकट्ठा प्रखंड क्षेत्र के बसरिया गांव की रहने वाली महिला प्रभा देवी, पति सुरेंद्र राम उपायुक्त कार्यालय परिसर में आत्मदाह करने का प्रयास करने लगे. सब की निगाहें उस ओर ही टिक गई.
ये पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है. परेशान महिला प्रभा देवी ने बताया कि उनके जमीन पर भू-माफिया लगातार कब्जा कर रहे हैं. इतना ही नहीं बल्कि उनके जमीन पर जबरन चारदीवारी भी की गई. इस मामले को लेकर उन्होंने अंचल कार्यालय बरकट्ठा से लेकर जिला प्रशासन को आवेदन भी सौंपा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
पिछले दिन उन्होंने अपनी समस्याओं के निराकरण करने नहीं करने पर आत्मदाह की चेतावनी लिखकर जिला उपायुक्त के कार्यालय में जाकर आवेदन दी थी और उसकी पावती पर्ची भी महिला ने प्राप्त की थी. प्रस्तावित दिन मंगलवार को महिला अपने पूरे परिवार के साथ डीसी ऑफिस आत्मदाह के लिए पहुंच गई. इससे पहले कि महिला और उसका परिवार कुछ कर पाता उसी वक्त ही पुलिस ने उसे रोक लिया और उनके प्रयास को विफल कर दिया.
इस घटनाक्रम के बाद महिला प्रभा देवी की मुलाकात हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से करवाई गयी. हालांकि इस संदर्भ में हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में भी है. संबंधित मामले को लेकर छानबीन की जा रही है उचित कार्रवाई जो होगी वह की जाएगी.


