हजारीबाग: पूरे झारखंड में प्रकृति पर्व सरहुल बड़े धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. यह पर्व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है. नदी से केकड़े पकड़ने के बाद आदिवासी समाज ने शोभायात्रा निकाली. हजारीबाग में सांसद, मेयर, उपायुक्त, एसपी समेत सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने शोभायात्रा में हिस्सा लिया और मांदर की थाप पर झूमे.
हजारीबाग में सुबह से ही सरहुल पर्व की धूम रही. आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक परिधान में शोभायात्रा में हिस्सा लिया. ढोल और मांदर की थाप पर लोगों ने पारंपरिक तरीके से नृत्य किया. शोभायात्रा के दौरान आदिवासी लोकगीत भी सुनाई दिए. सरहुल पर्व के दौरान मांदर की थाप पर हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल और मेयर अरविंद कुमार समेत सैकड़ों आदिवासी समुदाय के लोग झुमते नजर आए.
हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन के साथ-साथ जिले के सीनियर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सरहुल के जश्न में नाचते नजर आए. मांदर की थाप के बीच हजारीबाग के उपायुक्त और एसपी ने सरहुल पूजा की सभी को शुभकामनाएं दीं. इस दौरान हजारीबाग में कई अधिकारी पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा पहनकर मांदर बजाते नजर आए.
चैत्र महीने की तीसरी तारीख को साल के पेड़ की पूजा की जाती है, जिससे नए साल की शुरुआत होती है. जिसमें जल, जंगल और प्रकृति के दूसरे तत्वों की पूजा की जाती है. करमा के साथ-साथ सरहुल भी आदिवासी समुदाय का सबसे बड़ा पर्व है. प्रकृति पर्व सरहुल पर पाहन इस साल बारिश की भविष्यवाणी करते हैं. जुलूस के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए, सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे.


