Monday, June 15, 2026

हजारीबाग में ठाकुरबाड़ी के महंत ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से भगवान की जमीन बचाने की गुहार लगाई है.

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हजारीबागः जिले में जमीन की लूट कोई नई बात नहीं है. जब ठाकुरबाड़ी की जमीन की लूट हो तो भक्त परेशान हो जाते हैं. ऐसा ही कुछ नजारा हजारीबाग में देखने को मिला. इचाक ठाकुरबाड़ी जमीन भू-माफियाओं के नजर में है. वहां की जमीन बेची जा रही है. ऐसे में ठाकुरबाड़ी के महंत विद्यानंद दास और सनातनी भगवान को लेकर ही उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के दरवाजे पर पहुंच गए. यह नजारा देखकर लोग हैरत में पड़ गए कि आखिर भगवान को उपायुक्त के दरवाजे में क्यों लाना पड़ा.

उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई

हजारीबाग एक छोटा सा जिला है लेकिन यहां जमीन के खेल की चर्चा पूरे राज्य भर में होती है. आलम यह है कि ठाकुरबाड़ी की जमीन भू-माफिया कब्जा कर बेच रहे हैं. पिछले कई दिनों से ठाकुरबाड़ी के महंत विजयानंद दास भगवान की जमीन को बचाने की प्रयास में लगे हुए थे. लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. अंतत वह थक हारकर भगवान को ही लेकर हजारीबाग उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के दरवाजे पर पहुंच गए और गुहार लगाई कि भगवान की जमीन को बचा लीजिए. कुछ भू-माफिया भगवान की जमीन को ही फर्जी कागजात बनाकर बेच रहे हैं.

ऐतिहासिक मंदिर की जमीन को बेचने की कोशिश

बड़ा अखाड़ा के महंत विद्यानंद दास नंगे पांव गोद में भगवान को लेकर शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए समाहरणालय में पहुंच गए. उनके साथ कई सनातनी भी साथ नजर आए. महंत ने कहा कि अब भगवान के घर पर भी जमीन दलालों की गिद्ध दृष्टि है. 181 साल पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर की जमीन को गलत तरीके से अवैध रूप से बेचा जा रहा है. जिला प्रशासन पर पूरा भरोसा है कि वे भगवान को बेघर होने से बचाएंगे.

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगीः उपायुक्त

हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती और पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया. डीसी हेमंत सती ने आश्वस्त करते हुए कहा, अगर जमीन ठाकुरबाड़ी की है, तो उसे कोई नहीं छीन सकता. मामले की पूरी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.

इस अनोखे प्रदर्शन की पूरे शहर में चर्चा है. अब देखना यह है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक धरोहर और ‘भगवान की जमीन’ को भू-माफियाओं के चंगुल से कितनी जल्दी मुक्त करा पाता है क्योंकि इस मंदिर का संबंध रामगढ़ राज घराने से भी रहा है.

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