हजारीबाग: साइबर अपराधियों ने हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी WhatsApp अकाउंट तैयार किया है। इस अकाउंट के जरिए जिले के अधिकारियों समेत अन्य लोगों से संपर्क किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले के बाद जिला प्रशासन ने सभी लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन के अनुसार, डीसी की तस्वीर वाले एक संदिग्ध WhatsApp नंबर से लोगों को संदेश भेजे जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस नंबर का उपायुक्त या हजारीबाग जिला प्रशासन से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।
संदिग्ध संदेशों और कॉल से रहें सावधान
जिला प्रशासन ने अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से कहा है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध नंबर से आने वाले संदेश, कॉल अथवा आर्थिक मदद से संबंधित अनुरोध पर तुरंत भरोसा न करें। किसी अधिकारी के नाम पर पैसे की मांग होने पर पहले संबंधित विभाग या कार्यालय से उसकी पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने बताया कि मामले की जानकारी हजारीबाग एसपी को दे दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। साइबर ठगी की आशंका होने पर लोगों से तुरंत पुलिस या साइबर पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहे साइबर अपराधी
अधिकारियों ने लोगों को आगाह किया कि साइबर अपराधी अक्सर सरकारी अधिकारियों और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के नाम, फोटो या पहचान का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे किसी भी संपर्क में व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी विवरण या धनराशि साझा करने से बचना चाहिए।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल संबंधित थाना या साइबर पुलिस को इसकी सूचना दें।
