हजारीबाग: भारत अब डिजिटल युग की ओर प्रवेश कर रहा है. जहां कई सेवा डिजिटल रूप में लोगों को प्रदान की जा रही है. कोर्ट भी अब डिजिटल होने की राह में आगे बढ़ रहा है. अब ई-कोर्ट एप के जरिए कोई भी व्यक्ति कोर्ट से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. केस फाइलिंग और फीस की जानकारी इस ऐप के जरिए ले सकते हैं.
केंद्र सरकार कई योजनाओं का लाभ डिजिटल सेवा के द्वारा लोगों को प्रदान कर रही है. जिससे समय बच सके और काम में पारदर्शिता हो. हजारीबाग सिविल कोर्ट भी अब डिजिटल होने की राह में आगे बढ़ रहा है. हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार ने बताया कि कई तरह की सेवा ई-कोर्ट ऐप के जरिए लोगों को दी जा रही है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 15 साल पहले ही इस ई-कोर्ट का कॉन्सेप्ट दिया था. हजारीबाग कोर्ट भी ई-कोर्ट ऐप के जरिए अधिवक्ता और न्याय पाने वाले लोगों को कई तरह की जानकारी दे रहा है.
सत्र न्यायधीश ने कहा कि अब अधिवक्ताओं को अगली तारीख की जानकारी लेने के लिए कोर्ट आने की आवश्यकता नहीं पड़ती है. न्याय के लिए पहुंचे व्यक्ति भी इस ऐप के जरिए अगली तारीख और कोर्ट के ऑर्डर के बारे में जानकारी ले सकते हैं. ई-कोर्ट एप के जरिए केस फाइल और शुल्क भी जमा किया जा सकता है. जिससे लोगों को राहत मिल रही है. प्रधान जिला और सत्र न्यायधीश रंजीत कुमार ने कहा कि यह एक बेहतर सेवा आम जनता को उच्चतम न्यायालय के पहल पर दी जा रही है.
ई-कोर्ट सर्विस लोगों के लिए किफायती है: अधिवक्ता
ई–कोर्ट सर्विस मोबाइल एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप्लिकेशन स्टोर पर उपलब्ध है. वाद स्थिति, वाद सूची, कोर्ट के आदेशों को इस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है. अधिवक्ता कुणाल कुमार कहते हैं कि ई-कोर्ट परियोजना से लोगों को बहुत लाभ हो रहा है. यह न्याय प्रणाली को सुलभ, पारदर्शी और किफायती बना रहा है. जिससे समय और पैसे की बचत होती है. लोग घर बैठे केस की स्थिति, अगली तारीख और कोर्ट के आदेश देख सकते हैं. लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई में भाग ले सकते हैं. जिससे अदालती कार्यवाही तेज और कुशल हो गई है.


